नानपारा(बहराइच)। लखीमपुर हिंसा में दलजीत सिंह की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने से परिवार नाराज था। परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही डीएम व एसपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक किसान के घर लेकर पहुंचे और परिजनों को सौंपी। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। लगभग तीन घंटे की गहमागहमी के बाद परिजनों ने नम आंखों से मृतक का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान लोगों का सैलाब उमड़ा रहा। सभी की आंखों से आंसू गिरते रहे। लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि आगे कभी ऐसा दिन न आए।
नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टांड़ा गांव निवासी दलजीत सिंह लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन में गए थे। वहां हुई हिंसा में दलजीत सिंह की मौत हो गई थी। रविवार देर शाम दलजीत का शव घर पहुंचा तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह करने की सहमति बनी, लेकिन मंगलवार दोपहर तक परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली जिससे आक्रोश पनप उठा। लोगों ने अंतिम संस्कार न करने की बात कही। इस बात की जानकारी मिलते ही डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी सुजाता सिंह पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर मृतक के गांव पहुंचीं और परिजनों को समझाते हुए रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट की जांच परिजनों ने अपने स्तर से कराई। लगभग आधे घंटे बाद अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। दलजीत के शव का अंतिम परिजनों ने किया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम थीं।
मृतक किसान दलजीत सिंह का गांव छावनी में तब्दील रहा। किसान का शव आने के बाद लोगों का तांता लगा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की फोर्स तैनात रही। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार भी कमान संभाले रहे। आने-जाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी रही।
दोपहर तक चली गहमागहमी शाम को अंतिम संस्कार के बाद शांत हो गई। मृतक किसान के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। हर किसी ने नम आंखों से विदाई दी। पत्नी व मां बार-बार बेहोश होती रहीं।