बहराइच। प्रदेश सरकार ने किसानों को खुश करने के लिए प्रति क्विंटल 25 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ा दिया है। इसका किसान स्वागत भी कर रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर किसानों का मिल पर सवा एक अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। इनमें चिलवरिया चीनीमिल ने दिसंबर तो नानपारा चीनीमिल ने फरवरी के बाद से भुगतान नहीं किया है। बकाया भुगतान को लेकर अभी तक समय सीमा निर्धारित नहीं हुई है। इससे किसानों में नाराजगी भी है। किसानों ने सरकार से चीनीमिलों पर बकाया गन्ना भुगतान समय से दिलाने के लिए आवाज उठाई है।
प्रदेश में लगभग साढ़े चार वर्ष से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा था। जबकि किसान गन्ना मूल्य बढ़ाने और बकाया समय से दिलाने के लिए अधिकारियों को पत्राचार भी करते रहे। लेकिन अब जाकर सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ाया है। कृषि कानून को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को सरकार हर तरफ से अपनी रिझाने में लगी हुई है। प्रदेश सरकार ने रविवार को कैबिनेट बैठक में गन्ना मूल्य बढ़ा दिया है। अब किसानों का गन्ना 25 रुपये प्रति क्विंटल के बढ़े दर से चीनीमिलों द्वारा खरीदा जाएगा। इसको लेकर कृषि बाहुल्य जिले के किसानों ने स्वागत किया है। सभी ने सरकार के फैसले की सराहना की है। साथ ही मिलों पर बकाया को लेकर सवाल भी उठाया है।
जिला गन्ना अधिकारी शैलेष कुमार मौर्या ने बताया कि चिलवरिया में स्थित शिंभावली शुगर मिल में किसानों का 95.31 करोड़ रुपया बकाया है। जबकि नानपारा में स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनीमिल में 31.90 करोड़ रुपया बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल प्रबंधकों को बकाया भुगतान देने के लिए पत्राचार किया गया है। एक माह में मिलों ने भुगतान करने की बात कही है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि चिलवरिया चीनी मिल की ओर से चार दिसंबर 2020 के बाद से भुगतान नहीं किया गया है। जबकि श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल की ओर से पांच फरवरी 2021 के बाद से भुगतान नहीं किया गया है। काफी मात्रा में बकाया होने से जिले के गन्ना किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। अभी तीन दिन पूर्व ही किसानों ने बकाया भुगतान को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था।
नानपारा में स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनीमिल को प्रदेश सरकार की ओर से 8.5 करोड़ रुपया बकाया भुगतान के लिए दो दिन पूर्व दिया गया था। लेकिन अभी तक इसकी इंट्री नहीं हो पाई है। 8.5 करोड़ रुपये किसानों के खाते में जाने पर मिल का 23 करोड़ 40 लाख रुपया बकाया रह जाएगा।
मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत दरोगापुरवा गांव निवासी ननकऊ मौर्य और गुलालपुरवा निवासी सुरेंद्र वर्मा सरकार द्वारा 25 रुपया गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने से खुश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इससे अधिक भी बढ़ा सकती थी, लेकिन अब बकाया भुगतान कराने पर ध्यान देने की जरूरत है। हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत सुरजना कला गांव निवासी राम धीरज यादव ने कहा कि गन्ना बकाया चिलवरिया चीनीमिल पर अधिक है। जिससे घर का काम नहीं चल रहा है। बकाया दिलाने के लिए अधिकारी ध्यान दें। रमवापुर निवासी अखंड प्रताप सिंह और राम कुमार ने बताया कि गन्ना बकाया भुगतान समय से मिल द्वारा नहीं किया जाता है। इससे घर का बजट गड़बड़ हो जाता है। इसके लिए भी सरकार कोई ठोस उपाय करे।