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उपलब्धता का दावा फिर भी बाहर की दवा लिख रहे चिकित्सक

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बहराइच। मेडिकल कॉलेज के भंडार कक्ष में दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है जबकि चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे हैं। एक एंटीबायोटिक वॉयल में दो लोगों को इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं एसीलॉक एंपुल और डिप्रेशन की कोई दवा उपलब्ध नहीं है जिससे लोग मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को विवश हैं।
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जिला मुख्यालय स्थित महर्षि बालार्क जिला अस्पताल में बहराइच के साथ श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सीतापुर और नेपाल के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज के औषधि भंडार कक्ष में लगभग 350 प्रकार की दवाओं की मांग है। भंडार कक्ष के प्रभारी शिवसहाय सिंह के मुताबिक सभी दवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में संबंधित वार्ड के चिकित्सक द्वारा जो दवाएं मांगी जाती हैं। प्रतिदिन उसी के हिसाब से खरीद की जाती है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों को एक दवा अस्पताल की तो तीन दवाएं मेडिकल स्टोर से लिखी जाती है। कुछ यही हाल बृहस्पतिवार को भी रहा।
अस्पताल पहुंचे मरीजों को चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवा लिखी गई। वहीं, एक एंटीबायोटिक वॉयल में दो-दो लोगों को इंजेक्शन लगाया गया जबकि एक वॉयल में सिर्फ एक ही मरीज को इंजेक्शन लगाया जा सकता है। खैरीघाट थाना क्षेत्र के रामपुर धोबियाहार निवासी मरीज अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें पेट दर्द की शिकातय थी। एसीलॉक और डाइक्लोफेनिक इंजेक्शन नहीं मिला। इस पर बाहर से लेकर आए। इसी तरह अन्य दवाएं भी बाहर की लिखी जा रही हैं। इससे मरीज काफी परेशान हैं। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में डिप्रेशन की कोई दवा नहीं है। अस्पताल आए मरीज ने बताया कि फ्लोऑक्सीटेन, पैट्रोलिन और एससिटैलोफ्राम जैसी दवाएं नहीं है जिससे चिकित्सक मरीजों को वापस कर रहे हैं।
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मेडिकल कालेज में बृहस्पतिवार को हुजूरपुर विकास खंड के ग्राम भग्गड़वा निवासी दशरथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने एक दवा अस्पताल की तो दो दवाएं मेडिकल स्टोर से लिख दीं। दरगाह निवासी मुन्ना को भी एक दवा बाहर की लिखी गई।
अस्पताल में इस समय सभी दवाएं मौजूद हैं। प्रतिदिन दवाओं की खरीद भी होती है। इस समय 10 प्रकार की एंटीबायोटिक दवाएं हैं। इसके अलावा पैरासीटामॉल टेबलेट व सिरप, कैल्शियम समेत अन्य जरूरी दवाएं हैं। दवाओं की कोई कमी नहीं है। फिर भी अगर कोई बाहर की दवा लिखता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. ओपी पांडेय सीएमएस
सभी सीएचसी और महिला अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता है। मानसिक रोग विभाग में यदि दवा नहीं है तो इसकी सूची मंगवाई जा रही है। सीएचसी में औचक निरीक्षण कर दवाओं की स्थिति जांची जाएगी।
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- डॉ. एसके सिंह, सीएमओ, बहराइच
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