फखरपुर (बहराइच)। फखरपुर थाना क्षेत्र में हत्याकर फेंके गए चार शव मिलने के बाद पुलिस लगातार जुटी हुई है। मंगलवार को भी पुलिस कर्मी खेतों की खाक छानते दिखे। एसपी की अगुवाई में कांबिंग अभियान चलाया गया। घटनास्थल व उसके आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में पुलिस ने गहनता से छानबीन की। हत्या में प्रयुक्त होने वाले हथियार और अहम सुराग की तलाश में जुटी पुलिस को जांच के दौरान बच्चों की दो चप्पलें हाथ लगी हैं। अब पुलिस इन चप्पलों से अज्ञात शव की पहचान कराने की दिशा में काम करने में जुट गई है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव के निकट शुक्रवार को दो मासूम बच्चों के शव बरामद हुए थे। शव बरामद होने की जांच कर रही पुलिस को सबसे बड़ा झटका उसके अगले दिन लगा। शनिवार को थाना क्षेत्र के ही माधवपुर गांव के निकट एक महिला और एक बालिका का भी शव बरामद हुआ। जिसे देख पुलिसकर्मियों के हाथपांव फूल गए। लगभग चार दिनों से जांच में जुटी पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा है। ऐसे में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह की अगुवाई में घटनास्थल के आसपास कांबिंग अभियान चलाया गया। गहनता से पुलिसकर्मियों ने खेतों की खाक छानी। एसपी सुजाता सिंह ने बताया कि घटनास्थल के पास से सोमवार को एक महिला की चप्पल मिली थी। अब मंगलवार को जांच के दौरान दो बच्चों की चप्पलें और मिली हैं। इन चप्पलों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। जिससे शव की पहचान संभव हो सके।
बहराइच-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के फखरपुर और कैसरगंज कस्बे के बीच में ऐनी गांव के निकट टोल प्लाजा स्थित है। यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने इसके सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम किया, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली चल रहे हैं। पुलिस को सीसीटीवी में महज गाड़ियां ही आती जाती दिख रही हैं। ऐसे में पुलिस की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।
एसपी सुजाता सिंह का कहना है कि हाईवे के किनारे हुए हत्याकांड के शव की पहचान कराने के लिए हर प्रयास किया जा रहा है। सभी जिलों के डीसीआरबी को फोटो भेजी जा चुकी हैं। यहां के सभी थाना क्षेत्रों में भी फोटो भेजी गई है। मगर अभी तक कोई भी सूचना नहीं मिली है। ऐसे में बिना शिनाख्त के पुलिस की जांच अधर में ही अटकी हुई दिख रही है।