पत्नी के पिता व मामा ने की थी युवक की हत्या
- खैरीघाट में डेढ़ माह पूर्व बरामद हुआ था तेजाब से जला शव
- शादी के एवज में 4.50 लाख रुपये लेकर कर डाली थी हत्या
- दो हिरासत में, एक एक फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
महसी (बहराइच)। खैरीघाट थाना क्षेत्र में डेढ़ माह पूर्व एक युवक का शव बरामद हुआ था। उसकी पहचान में जुटी पुलिस ने सफलता हासिल कर ली है। मृतक के भाई ने फोटो और पोटली से उसकी पहचान की है। युवक ने दूसरे धर्म की लड़की से शादी की थी। उसके एवज में 4.50 लाख रुपये भी दिए थे। लड़की के पिता व मामा ने ही एक व्यक्ति के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। बाद में शव को तेजाब डालकर जलाने का भी प्रयास किया गया था। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र में 26 जून को एक युवक का शव बरामद हुआ था। शव को तेजाब डालकर जलाने का प्रयास किया गया था। करीब डेढ़ माह से पुलिस और एसओजी उसकी पहचान और हत्याकांड के खुलासे में जुटी हुई थी। खुलासे में जुटी टीम को कुछ सफलता हाथ लगी है। मृतक के भाई बौंडी थाना क्षेत्र के बिसवां गांव निवासी मुकेश ने उसकी पहचान पुरुषोत्तम (33) पुत्र रामसेवक के रूप में की। उसका कहना था कि करीब दो माह पूर्व उसे बहला-फुसलाकर गांव के ही रहने वाले मेराज और उसका साला सैय्यद अली अपने साथ ले गए थे। मेराज की बेटी से उसके भाई पुरुषोत्तम ने शादी भी की थी। दबाव बनाकर जमीन बिकवाकर उससे करीब 4.50 लाख रुपये भी लिए थे। इसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। हत्याकांड में कैसरगंज निवासी एक व्यक्ति का भी नाम सामने आ रहा है। अभी वह फरार है। एसओ खैरीघाट राजकुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल जांच हो रही है। कुछ बताना अभी संभव नहीं है। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार का कहना है कि शव मिलने को लेकर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
मुंबई जाने की मेराज ने दी थी जानकारी
मृतक के भाई मुकेश का कहना है कि भाई के घर न आने पर उसने मेराज से जानकारी ली थी। पहले तो वह टालमटोल करता रहा। बाद में उसने बताया कि पुरुषोत्तम नौकरी करने के लिए मुंबई चला गया है। इससे अधिक वह कुछ नहीं जानता है।
धर्म परिवर्तन की भी चर्चा
बिसवां और आसपास के गांवों में चर्चा है कि हत्या कर फेंके गए युवक के शव के मामले में धर्म परिवर्तन कराए जाने की चर्चा भी है। चर्चा है कि युवक का शादी कराने से पहले धर्म परिवर्तन कराया गया था। इसके बाद उसे एक मस्जिद में ले जाकर नमाज भी पढ़ाई गई। हालांकि, परिवार और पुलिस दोनों इस बात से इंकार कर रहे हैं।