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चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने और बाहर से जांच लिखने पर अस्पताल में हंगामा

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बहराइच। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा अस्पताल आने वाले मरीजों की अनदेखी कर निजी प्रैक्टिस करने और बाहर की जांच लिखने के विरोध में अभाविप ने शुक्रवार को जुलूस निकाला। इसके बाद सभी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक कर्मचारी द्वारा अभद्रता करने पर सभी ने नाराजगी जताई। साथ ही उसे निलंबित करने की मांग की।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री मयंक अग्रवाल की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने शहर के पानी टंकी से जुलूस निकाला। जुलूस और प्रदर्शन करते हुए सभी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभाविप के विभाग संयोजक रजत सिंह रैकवार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में दूर दराज से गरीब लोग इलाज के लिए आते हैं। लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अपने आफिस में ही बैठ रहते हैं। चिकित्सक निजी प्रैक्टिस में व्यस्त हैं। संविदा पर तैनात चिकित्सक अपने अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीजों को बुलाकर ले जाते हैं।
नगर मंत्री दीपक वाल्मीकि ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित है। इसके बावजूद महिला और पुरुष अस्पताल के चिकित्सक कमीशन के लिए बाहर की जांच लिखते हैं। जिससे गरीब काफी परेशान होते हैं। लेकिन प्राचार्य कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नगर सह मंत्री अनामिका रावत ने कहा कि महिलाएं अपने बेहतर इलाज के लिए अस्पताल आती हैं, लेकिन महिला अस्पताल में गंभीर स्थिति बताकर गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट नर्सिंगहोम में भेज देती हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल का औचित्य शून्य है। प्रदर्शन के बाद सभी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला संयोजक आदर्श शुक्ला, कालेज इकाई अध्यक्ष प्रज्जवल मिश्रा, नगर सह मंत्री हयात खान, रविकांत, अंकित मिश्रा, रणवीर गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
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मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन कर रहे अभाविप के कार्यकर्ताओं के सामने संजय नाम का युवक पहुंच गया। उसने सीएमस डॉ. ओपी पांडेय के सामने कहा कि मैं अस्पताल का दलाल हूं। मेरा क्या करोगे। इस पर सभी नाराज हो गए। प्राचार्य से कार्रवाई की मांग की। प्राचार्य ने संजय को निलंबित करने की बात कही।
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