बिछिया (बहराइच)। जंगल से सटे भवानीपुर ग्राम में देर रात टस्कर हाथी पहुंच गया। हाथी ने एक ग्रामीण के फूस के मकान को ढहा दिया। इसके बाद गृहस्थी को तहस-नहस कर दिया। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। इसके बाद हाथी खेत में पहुंच गया। दो बीघा धान की फसल को रौंदने के साथ बाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीण हाथी की चिंघाड़ से रात भर सो नहीं सके।
कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत भवनीपुर गांव जंगल से सटा हुआ है। बुधवार रात 11 बजे के आसपास एक टस्कर हाथी गांव में पहुंच गया। हाथी ने गांव निवासी रामनरेश के फूस के मकान को ढहा दिया। परिवार के लोग शोर मचाते हुए भागे। हाथी ने घर में रखा पांच क्विंटल गेहूं, ढाई क्विंटल धान, 50 किलो चावल, 25 किलो आटा खा गया। पूरी गृहस्थी को तहस-नहस कर दिया। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हुए। सभी ने पीपा और थाली बजाया। इस पर हाथी किसान रामजस के खेत में चला गया। दो बीघा धान की फसल को रौंद दिया। गांव निवासी रामकुमार के बाड़ा को तोड़ दिया। हाथियों का दल पूरी रात चिंघाड़ता रहा। गांव के लोग पूरी रात सो नहीं सके। हाथियों के आमद की सूचना ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय पर दी। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि वनकर्मियों को मौके पर भेजकर पटाखा वितरित किया गया। लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया है।