महसी (बहराइच)। कैसरगंज में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है जिससे गांवों में लोगों में बाढ़ को लेकर भय होने लगा है। वहीं महसी में सरयू नदी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर नीचे बह रही है। निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीण तटबंध पर जीवन-यापन कर रहे हैं। मंगलवार को मिहींपुरवा के तीन बैराज से 3.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लखनऊ से एनडीआरएफ की बटालियन महसी पहुंच गई है।
जिले में इस समय बारिश रुकी हुई है। लेकिन मौसम में बादल आ जा रहे हैं। लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर बारिश के चलते प्रतिदिन बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। कैसरगंज तहसील में स्थित एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार को नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर मंगलवार को वर्तमान जलस्तर 106.016 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। जिससे नदी के किनारे बसे गांव के लोगों में बाढ़ को लेकर भय है। निचले इलाके में रात में पानी भरने की संभावना है। वहीं महसी में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। लेकिन तहसील क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी आज भी भरा हुआ है। पांच ग्राम पंचायत के लोग परेशान हैं। ग्रामीण जीवन-यापन के लिए तटबंध का सहारा लिए हुए हैं। तटबंध पर ही ग्रामीण मवेशियों को बांध रहे हैं। उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी का कहना है कि राजस्वकर्मी निरंतर अलर्ट पर हैं। बाढ़ की स्थिति पर नजर है। महसी में मंगलवार को लखनऊ से 11वीं बटालियन की एनडीआरएफ टीम पहुंच गई है। जवानों ने महसी तहसील के सिलौटा, पिपरा, कायमपुर व बौंडी जाकर घाघरा नदी की स्थिति देखी। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पर पूरी नजर है। ग्रामीणों को समस्या नहीं होने दी जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने उपजिलाधिकारी राम आसरे वर्मा, एक्सईएन सरयू ड्रेनेज खंड शोभित कुशवाहा के साथ सरयू बैराज का निरीक्षण किया। जलस्तर की स्थिति देखी। मौजूद कर्मचारी से पानी के डिस्चार्ज की जानकारी ली। इस दौरान एक्सईएन सरयू नहर खंड नानपारा विनय कुमार, सहायक अभियंता एनराम, जेई कर्मवीर, बीडीओ चंद्रशेखर मौजूद रहे।