बौंडी/बिछिया। महसी में सरयू नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। इसको देखते हुए तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। ग्रामीणों में बाढ़ लेकर परेशानी है। वहीं मोतीपुर तहसील क्षेत्र में सड़कों पर बाढ़ का पानी चल रहा है। लोग पानी के बीच से ही आवागमन कर रहे हैं। अभी तक तहसील प्रशासन की ओर से कोई मदद पीड़ितों को नहीं दी गई है न ही उपजिलाधिकारी द्वारा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश जिले के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। प्रतिदिन बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। महसी में सरयू नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। इसको देखते हुए तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। क्षेत्र के टेपरा, नागेश्वरपुरवा, तारापुरवा, कुट्टी बाग, प्रह्लादपुरवा, रानीबाग और छत्तरपुरवा के ग्रामीण काफी परेशान हैं। उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि घूरदेवी पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। राजस्वकर्मी भी अलर्ट पर हैं। उधर मोतीपुर तहसील के चहलवा, सुजौली, बड़खड़िया, जंगल गुलरिहा के दूधनाथपुरवा, नईबस्ती, रामपुर रेतिया, टिलवा, तुलसीपुरवा आदि गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। संपर्क मार्गों पर घुटनों भर से अधिक पानी बह रहा है। पानी के बीच से ही लोग आवागमन करने को विवश हैं। दो दिन पूर्व नायब तहसीलदार शशांकनाथ उपाध्याय ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। लेकिन अभी तक ग्रामीणों को तहसील प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ितों को कोई मदद नहीं की गई है। जिससे पीड़ितों के घर चूल्हा जलने में परेशानी हो रही है। वहीं कई गांवों में पानी भरा होने के बाद भी उपजिलाधिकारी द्वारा मुआयना नहीं किया गया है।