बहराइच। कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी के टापू पर घड़ियालों ने नेस्ट बनाया है। नेस्ट से जून माह में अंडे से बच्चे निकलते हैं, लेकिन जिले में लगातार एक हफ्ते से हो रही बारिश से सभी नेस्ट नहीं खुल सके हैं। दो दिन पूर्व तीन नेस्ट से 30 घड़ियाल के बच्चे बाहर निकले हैं जिनकी निगरानी के लिए वन विभाग की टीम लगी हुई है। वन विभाग के मुताबिक धूप निकलने पर अन्य 27 नेस्ट से घड़ियाल के बच्चे निकलेंगे।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग वन्यजीवों के साथ जलीय जीवों के लिए भी जाना जाता है। जंगल से निकलने वाली नदी में दुर्लभ जलीय जीव भी विचरण करते हैं। कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी के तट पर लगभग चार माह पूर्व घड़ियालों ने टापू पर नेस्ट बनाए थे। भीषण गर्मी में 36 डिग्री के तापमान में नेस्ट से बच्चे निकलते हैं। लेकिन लगातार बारिश होने से इस पर काफी प्रभाव पड़ा है। प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बाधवान ने बताया कि घड़ियाल द्वारा 30 नेस्ट बनाए गए थे। इनमें से तीन नेस्ट से लगभग 30 घड़ियाल के नन्हें बच्चे निकले हैं। डीएफओ ने बताया कि इन बच्चों पर वन विभाग द्वारा नजर रखी जा रही है। नेस्ट की सुरक्षा के लिए भी वन कर्मी निरंतर गश्त कर रहे हैं। डीएफओ ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से मौसम के तापमान में कमी आ रही है। जिससे नेस्ट से बच्चे नहीं निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेस्ट से नन्हें बच्चे निकलने के लिए 36 से 40 डिग्री का तापमान उपयुक्त है। लेकिन इस बार मानसून की बारिश पहले ही शुरू हो गई है। ब्रीडिंग में समय लग रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि नदी के टापू पर 30 नेस्ट घड़ियाल ने बनाए हैं। लेकिन अभी तक मात्र तीन नेस्ट से ही बच्चे निकले हैं। शेष 27 नेस्ट से आने वाले समय में बच्चे निकलने की संभावना है। लेकिन इसके लिए प्रयुक्त तापमान का होना भी आवश्यक है।
कतर्नियाघाट में गेरुआ नदी के तट पर घड़ियाल ने टापू बनाया है। टॉप में नेस्ट स्थापित किए हैं। नेस्ट से नन्हें घड़ियाल के बच्चे निकलना शुरू हो गए हैं। बच्चे जब कुछ बड़े हो जाएंगे तब उन्हें घड़ियाल प्रजनन केंद्र में छोड़ा जाएगा।
-आकाशदीप बाधवान, डीएफओ, कतर्नियाघाटआकाशदीप बाधवान डीएफओ कतर्नियाघाट