बहराइच। पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर आपत्तियों का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। अभी तक करीब पांच सौ से अधिक आपत्तियां पहुंच चुकी हैं। ब्लॉकों से भी आपत्तियों को एकत्र कराया जा रहा है। अब बुधवार को समिति द्वारा आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण को दूसरी बार जारी किया गया है। आरक्षण जारी होने के बाद से ही लोगों ने आपत्तियां भेजनी शुरू कर दी हैं। इसके लिए तरह-तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। विकास खंड मिहींपुरवा की ग्राम पंचायत मिहींपुरवा निवासी सोनू कुमार ने दिए गए पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत को आज तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं किया गया है। ऐसा केवल राजनीतिक दबाव के कारण किया जा रहा है। उनका कहना है कि सामान्य और ओबीसी के लिए आरक्षण होने के कारण अनुसूचित जाति को नेतृत्व नहीं मिल पा रहा है।
वहीं बलहा के नानपारा देहाती निवासी अधिवक्ता रमेश गौतम का कहना है कि गांव को दोबारा में सामान्य कर दिया गया है। जबकि अनसूचित जाति को कोई नेतृत्व नहीं मिला है। ऐसे में आरक्षण को निरस्त कर एससी के लिए आरक्षित किया जाए। विकास खंड महसी के ग्राम एरिया निवासी केशवराम भारतीय ने भी ग्राम पंचायत को एससी के लिए आरक्षित करने की मांग की है। उधर, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय का कहना है कि आरक्षण पर करीब पांच सौ से अधिक आपत्तियां आ चुकी हैं। ब्लॉकों से भी संकलन कराया जा रहा है। बुधवार को समिति द्वारा निस्तारण किया जाएगा।