पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। कुछ यही कहावत चरितार्थ हो रही है शूटिंग के स्वर्ण पदक विजेता रहे आलोक श्रीवास्तव के बेटे और बेटियों पर। दोनों अभी प्राथमिक कक्षा के छात्र हैं, लेकिन नेपाल में आयोजित तीन दिवसीय ताइक्वांडों प्रतियोगिता में नन्हें भाई-बहनों ने प्रतिद्वंदियों को पराजित करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है। इससे परिवार के लोग जहां गदगद हैं। वहीं भाई-बहन की सफलता पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
नेपाल के काठमांडू में नौ से 11 अप्रैल तक अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट प्रतियोगिता 2016 का आयोजन नौ अप्रैल से शुरू हुआ। तीन दिवसीय प्रतियोगिता 11 अप्रैल सोमवार को दोपहर में समाप्त हुई। प्रतियोगिता में बहराइच के खत्रीपुरा निवासी अंश श्रीवास्तव और उनकी बहन आंशी श्रीवास्तव ने अंडर सब जूनियर ताइक्वांडों प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
नेपाल से फोन कर आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि पुत्र अंश श्रीवास्तव ने फाइनल चक्र में नेपाल के विक्रम थापा को परास्त कर स्वर्ण पदक अर्जित किया। जबकि बेटी आंशी श्रीवास्तव ने भी अंडर सब जूनियर में नेपाल की जराना थापा को परास्त कर स्वर्ण पदक भारत के लिए जीतकर बहराइच का मान बढ़ाया है।
नेपाल में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम लहराने वाले भाई-बहन अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ कोच इसरार अली को दे रहे हैं। गौरतलब हो कि नेपाल के काठमांडू में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के साथ ही पाकिस्तान, नेपाल, भूटान के प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।