बहराइच/बौंडी। जरुवा गांव के पास रविवार दोपहर में दिखे भेड़िये को देर रात सरयू नदी के कछार में वन विभाग के शूटरों ने घेराबंदी कर मार गिराया। इसके साथ ही भेड़िया प्रभावित इलाके में अब तक छह भेड़िये मारे जा चुके हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और हमलों के थमने की उम्मीद जगी है।
रविवार को कैसरगंज की ग्राम पंचायत गोड़हिया नंबर चार के मजरा जरुवा में दोपहर के समय भेड़िया दिखने के बाद दहशत फैल गई। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शोर मचाया, इसके बाद गांव में अफरातफरी मच गई। वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे के साथ मौके पर पहुंची। डीएफओ राम सिंह यादव के नेतृत्व में सरयू नदी के कछार में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि दोपहर में गांव के पास भेड़िया दिखने के बाद ड्रोन की मदद से उसकी तलाश शुरू की गई। सरयू के कछार में भेड़िया ड्रोन कैमरे में भागता हुआ दिखाई दिया, लगातार ट्रैकिंग के बाद टीम ने घेराबंदी की और रात करीब आठ बजे शूटरों ने भेड़िया को गोली मारकर ढेर कर दिया।
भेड़िये के मारे जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। डीएफओ ने कहा कि इलाके में अब भी निगरानी की जा रही है और सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। चार टीमें तैनात हैं। ग्रामीणों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
ग्रामीणों को जगी राहत की उम्मीद
लगातार हमलों से डरे ग्रामीणों ने भेड़िया मारे जाने के बाद राहत महसूस की है। गांव निवासी राम उजागर ने कहा कि भेड़ियों ने जीना मुश्किल कर दिया था। वहीं राम निवास, प्रताप और वंशी लाल का कहना है कि दोपहर में दिखे भेड़िये के मारे जाने से उम्मीद है कि अब इलाके में भेड़ियों का आतंक कम होगा और हमले थमेंगे।