कैसरगंज (बहराइच)। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कैसरगंज तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत में कहा है कि फसल क्षति के अंतर्गत ग्रामवासियों को सहायता राशि बांटने में घोटाला किया गया है। उन्होंने इस घोटाले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधिकारी और एसडीएम कैसरगंज से भी लोगों ने इस घोटाले से संबंधित शिकायतें की थीं, जिसकी जांच भी नहीं कराई गई। कैबिनेट मंत्री की ओर से की गई शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। इससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
शिकायत में मुकुट बिहारी वर्मा ने कैसरगंज तहसील क्षेत्र के गोड़हिया गांव का उदाहरण दिया है। बताया कि तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से पात्र ग्रामीणों को बाढ़ राहत सहायता राशि न देकर अपात्र व्यक्तियों को एक नाम से चार-चार बार सहायता दे दी गई। उन्होंने कहा कि ग्राम कंदैला के जिन किसानों के पास बिल्कुल भी भूमि नहीं है, उन किसानों को भी गलत ढंग से सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। गोड़हिया नंबर एक से एक तक के पात्र किसान बाढ़ राहत सहायता राशि से वंचित हैं। जिन किसानों के साथ अन्याय हुआ, उन्होंने जिलाधिकारी बहराइच और उपजिलाधिकारी कैसरगंज से प्रकरण की शिकायत करते हुए जांच की मांग भी की थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से न तो जांच की गई और न ही कार्रवाई की गई।
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि अधिकारियों की ओर से इस प्रकरण में जो भी भ्रष्टाचार किया गया है, उसकी जांच कराई जाए। कैबिनेट मंत्री की ओर से सीएम को भेजे गए इस पत्र के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस बारे मेें उपजिलाधिकारी कैसरगंज महेश कुमार कैथल ने बताया कि इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी की ओर से पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।