बहराइच। जिले की नौ ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार को कृषि संकल्प अभियान के आयोजन का अंतिम दौर बृहस्पतिवार को पूरा हुआ। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीनतम तकनीक की जानकारी देकर अपनी आय बेहतर बनाने की सलाह दी।
कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का बृहस्पतिवार को 15वां और अंतिम दिन था। इस दौरान विकास खंड चित्तौरा की ग्राम पंचायत बरई विलासा, परसौरा, कल्पीपारा, बहादुरचक, सिसैयाचक, ताजखुदाई व विकास खंड रिसिया की ग्राम पंचायत परसा खरगमन, समोखन व परसपुर में कृषि वैज्ञानिकों व कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल उत्पादन तकनीक व सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीनतम तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खरीफ की फसलों की बोआई से पूर्व खेतों की जोताई व कंपोस्टिंग करें। उन्होंने किसानों को बीज व भूमि शोधन कर फसलों की रोपाई करने की सलाह दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती कर आय में वृद्धि करने की सलाह देते हुए कहा कि मृदा नमूने के आधार पर ही फसलों में उर्वरकों का प्रयोग करें। वैज्ञानिकों ने किसानों को नैनो यूरिया व नैनो डीएपी का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। किसानों को बेहतर खेती करने के कई तौर-तरीकों की जानकारी दी।
इस मौके पर केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. अरुण राजभर, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. पीके सिंह, सुनील कुमार, डॉ. संदीप गौतम, कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव, सहायक निदेशक रेशम, सुधाकर शुक्ला, गणेशदत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।