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Bahraich News: नाव हादसे के बाद भरथापुर गांव के विस्थापन की फाइल शासन से पास, बजट स्वीकृत

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मिहींपुरवा के भरथापुर ​स्थित कौड़ियाला नदी में ग्रामीणों से भरी नाव पलटने के बाद लोगों का हाल ज - फोटो : मिहींपुरवा के भरथापुर ​स्थित कौड़ियाला नदी में ग्रामीणों से भरी नाव पलटने के बाद लोगों का हाल जानने पहुंचे कारागार मंत्री सुरेश राही।
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बहराइच/बिछिया। भरथापुर गांव में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद अब शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हुआ है। शुक्रवार दोपहर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही भरथापुर गांव पहुंचे और हादसे में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भरथापुर गांव के विस्थापन की फाइल शासन से पास हो गई है। इसके लिए 21.56 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह गांव लंबे समय से नदी कटान और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, जिसे अब स्थायी रूप से हल किया जाएगा। विडंबना है कि फाइल पास होने के एक दिन पहले ही गांव के लोग हादसे का शिकार हाे गए।
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राज्य मंत्री दोपहर करीब दो बजे भरथापुर पहुंचे। उनके साथ जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक आरएन सिंह सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों से बातचीत की और कहा कि यह हादसा अत्यंत दर्दनाक है। उन्होंने बताया कि भरथापुर के विस्थापन की प्रक्रिया 29 अक्तूबर को शासन स्तर पर पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच यह बड़ा हादसा हो गया।


मंत्री राही ने कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि लापता लोगों की खोज में तेजी लाई जाए और राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के खाते में शीघ्र विस्थापन की धनराशि पहुंचेगी। नए साल से पहले विस्थापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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हादसे से दुखी ग्रामीणों ने मंत्री के सामने रोते हुए अपने लापता परिजनों की खोज और गांव के शीघ्र विस्थापन की मांग की। मंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार हर संभव मदद करेगी और किसी परिवार को उपेक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद वे सीतापुर के लिए रवाना हो गए।


तो पैदल गांव पहुंचे राज्यमंत्री
राज्यमंत्री को भरथापुर गांव पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर जंगल में पैदल चलना पड़ा। डीएम, एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राज्यमंत्री ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के प्रतिदिन जिंदगी के संघर्ष को देखा। इसके अलावा घने जंगलों के बीच से टीमों की आवाजाही के लिए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक चारपहिया वाहन की व्यवस्था की गई थी। बोट संचालन की जिम्मेदारी रदीश टी, सिंघम, जितेंद्र नाथ सिंघा और अब्दुल सलाम निभा रहे हैं।


अंतिम ग्रामीण के मिलने तक चलेगा रेस्क्यू अभियान
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि नाव हादसे में डूबे अंतिम ग्रामीण के मिलने तक रेस्क्यू अभियान चलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर ग्रामीणों की भावनाएं और उम्मीदों को टूटने नहीं दिया जाएगा।
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