बहराइच। लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं पर रविवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में जिले की कैसरगंज और नानपारा तहसील में अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते वादकारी निराश होकर वापस लौट गए।
कैसरगंज तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह विसेन ने बताया कि अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर जुलूस निकाला। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होकर वापस तहसील परिसर पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए विनोद सिंह विसेन ने कहा कि अधिवक्ताओं पर हुआ हमला यह दर्शाता है कि पुलिस पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है। अन्य वक्ताओं ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान ज्ञान बाबू वर्मा, महामंत्री वीरेंद्र कुमार पांडेय, बालकराम सरोज, विजय प्रताप सिंह और गिरीश सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
वहीं, नानपारा तहसील परिसर में भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार शैलेश अवस्थी को सौंपा। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की गई।
तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंकार प्रसाद जायसवाल और महामंत्री हरिओम शंकर शुक्ला ने कहा कि लखनऊ की घटना से नानपारा के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। एसोसिएशन इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करता है।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता रूप नारायण जायसवाल, पतीराम गौतम, प्रमोद कुमार गुप्ता, जयदीश श्रीवास्तव, जमाल हामिद वारसी, प्रेम कुमार श्रीवास्तव, राम निवास वर्मा, अजय श्रीवास्तव, राजेश कुमार, संतोष श्रीवास्तव, अमरनाथ वर्मा और सुनील कुमार सिंह सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।