एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के बुबकापुर स्थित फार्म हाउस को रविवार को प्रशासन ने सील कर दिया है। फार्म हाउस में मवेशियों की सुरक्षा के लिए चौकीदार के साथ ही तीन सफाई कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। फार्म हाउस में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने देर रात मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कराई है। फार्म हाउस पर मवेशियों की देखरेख के लिए एक पशु चिकित्सक को तैनात कर दिया गया है। वहीं, देर रात तक चली खोदाई में चार जगहों पर गायों के अवशेष प्रशासन को नहीं मिले हैं।
स्वास्थ्य महकमे में तैनात एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के फखरपुर थाना क्षेत्र के बुबकापुर गांव स्थित फार्म हाउस पर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों की शिकायत के बाद प्रशासन की दो दिनों तक चली कार्रवाई में कई गायों के अवशेष बरामद हुए हैं। शनिवार को सुबह मजदूरों को खोदाई के लिए लगाया गया लेकिन बाद में अधिक शव होने पर जेसीबी से खोदाई कराई गई। इस दौरान की गई खोदाई में 38 गायों के अवशेष बरामद हुए हैं। जबकि चार जगहों पर किसी भी मवेशी के अंश नहीं मिले।
देर रात तक सीवीओ डॉ. बलवंत सिंह की अगुवाई में आठ चिकित्सकों के पैनल ने बरामद हुए गायों के शवों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर लखनऊ को बिसरा भेज दिया गया है। सीवीओ ने बताया कि पशु चिकित्सक राहुल गुप्ता को फार्म हाउस पर बंधे पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, फखरपुर थाने के एक चौकीदार और तीन सफाईकर्मियों को भी सुरक्षा में लगाया गया है।
मवेशियों के चारे के लिए रात में ही दो ट्रैक्टर-ट्रॉली से भूसा मंगवाया गया। सफाईकर्मियों को इनके चारे-पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बताया कि फार्म हाउस को सील कर दिया गया है। फार्म हाउस में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां एक हिस्से में चल रहा निर्माण कार्य भी बंद है।
एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के लगभग 50 बीघा में फैले फार्म हाउस के एक हिस्से में निर्माण कार्य भी कराया जा रहा था। प्रशासन की छापेमारी के बाद निर्माण कार्य ठप हो गया है। लेकिन निर्माण कार्य कराये जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि एसीएमओ की ओर से किसी बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस करते हुए निर्माण की कवायद शुरू की गई थी।