जननी सुरक्षा योजना के घोटाले की जांच करने बौंडी पहुंचे देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ उमाकांत वर्मा ने वृद्ध महिला के बयान दर्ज किए।
बौंडी पीएचसी के रिकॉर्ड खंगाले तो बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के सुबूत हाथ लगे। उन्होंने फखरपुर पीएचसी के रिकार्ड तलब कर जल्द बड़े खुलासे का भरोसा जताया है। इस मामले को दबाने के लिए घोटाले की जद में फंसे जिम्मेदार भी जुट गए हैं।
गौरतलब है कि बौंडी गांव निवासी ननकई (60) पत्नी स्व. ननकऊ का फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत बौंडी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दस माह में पांच मर्तबा प्रसव दिखाया गया।
एक अप्रैल 2014 व 18 जून 2015 तक के बैंक डिटेल से स्वास्थ्य विभाग के घोटाले की पोल खुली। 20 मई, 14 जून, 29 अक्तूबर 2014 और दो जनवरी व 20 मार्च 2015 को ननकई के बैंक खाते में जननी सुरक्षा योजना की 14-14 सौ रुपये जमा किए गए हैं। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
शुक्रवार को बौंडी पहुंचे डॉ उमाकांत वर्मा ने बताया कि महिला व उसके परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए हैं लेकिन अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। उन्होंने बताया कि पीएचसी के रिकॉर्ड भी देखे गए हैं।
इस प्रकरण पर डीएम भी सख्त
गुरुवार देर शाम विकास भवन सभागार में नियमित टीकाकरण की बैठक हुई। इस दौरान जननी सुरक्षा योजना के तहत बौंडी पीएचसी पर घोटाले का मुद्दा उठा।
सूत्रों की मानें तो डीएम अभय कुमार ने इस मसले पर सीएमओ डॉ केबी जैन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जेएसवाई योजना में धांधली बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिया है। साथ ही डीएम ने जिले भर से जेएसवाई के अभिलेख तलब किए हैं। डीएम के स्तर से अभिलेखों की रैंडम जांच कराई जाएगी।