बहराइच (ब्यूरो)। जननी सुरक्षा योजना में घोटाले की परत-दर-परत खुलते देख सीएमओ को भी अपनी कुर्सी खतरे में दिखने लगी है।
शुरुआत में सीएमओ ने फौरी तौर पर छोटे पांच कर्मियों पर निलंबन की गाज गिराई तो वहीं घोटाले के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी पर सिर्फ स्थानांतरण की कार्रवाई की।
इससे सीएमओ के कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े होने लगे। अब जब मामला शासन तक पहुंच गया तो सीएमओ ने बौंडी अतिरिक्त पीएचसी के केंद्र प्रभारी डॉ प्रताप गौतम के निलंबन की पैरवी की है।
सीएमओ ने निलंबन के लिए शासन केे पाले में गेंद फेंक दी है। सूत्रों की मानें तो एक सप्ताह के भीतर डॉ प्रताप गौतम का निलंबन हो जाएगा, कुछ और भी हैं, जिन पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
लिपिक पर सीएमओ मेहरबान
केंद्र प्रभारी डॉ प्रताप गौतम के निलंबन के लिए सीएमओ ने शासन से पैरवी की है लेकिन संबंधित लिपिक विनोद वर्मा को बचाने में जुटे हुए हैं।
सीएमओ डॉ केबी जैन ने जेएसवाई प्रकरण से लिपिक को दूर रखा है। जबकि एडी डॉ उमाकांत ने लिपिक को दोषी माना है। उन्होंने लिपिक पर कठोर कार्रवाई के लिए मिशन निदेशक को रिपोर्ट भेजी है।
निलंबन की भेजी गई रिपोर्ट
एडी डॉ उमाकांत वर्मा ने बताया कि फखरपुर के एमओआईसी डॉ प्रताप गौतम के निलंबन के लिए शासन को रिपोर्ट किया गया हैै। यह कार्रवाई सीएमओ डॉ केबी जैन के स्तर से की गई है।