एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के फार्म हाउस में सैकड़ों गायों के शव बरामद होने के साथ लगभग 20 बोरे जड़ी-बूटियां भी मिली हैं। अर्द्धनिर्मित कैप्सूल, बिस्किट और पाउडर का जखीरा भी बरामद हुआ है। इन दवाओं के निर्माण और बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं लिया गया था। औषधि विभाग गायों के शव और आयुर्वेदिक दवाओं का संबंध तलाशने में जुटा है। शव के बिसरा और दवाओं को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
स्वास्थ्य महकमे के एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के फार्म हाउस पर शनिवार को जिलाधिकारी अजयदीप सिंह के निर्देश पर औषधि विभाग और आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग की टीम ने भी जांच की।
औषधि निरीक्षक हृदयशंकर और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव व डॉ. अंतरिक्ष वैशवार की टीम ने लगभग 20 बोरियों में रखी गई जड़ी-बूटियां बरामद की। जबकि डिब्बों में कैप्सूल के खाली पैकेट और पाउडर भी बरामद हुए।
आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में प्रयोग किए जाने वाली कई तरह की औषधियां भी बरामद हुई हैं। औषधि निरीक्षक हृदयशंकर का कहना है कि उनके विभाग से इसके लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया है।
बिना समुचित व्यवस्था के दवाओं का निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा था। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। दवाओं को परीक्षण के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि दवाओं में गायों के हड्डियों, मूत्र, या अन्य किसी अंश का प्रयोग किया जा रहा था कि नहीं।
फखरपुर थाने में बुबकापुर निवासी स्वामी चंद्रानंद महाराज की तहरीर पर एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसमें 150 गायों के मारकर दफनाए जाने की आशंका जताई गई है। एसीएमओ पर दवाओं के निर्माण का भी आरोप लगा है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बरामद दवाओं के नमूनों को जांच के लिए सीमैप लखनऊ भेजा जा रहा है। जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इन चीजों में होता है प्रयोग
दशमूल- वात, पित्त व कफ नाशक
सेमल की जड़- यौन वर्द्धक
कासमर्द- ज्वर और खंासी
गोछुर- यूरिन बढ़ाने
कंटकारी फल- शक्ति व यौन वर्द्धक
एसीएमओ बोले, रची गई साजिश
गायों की लाश मिलने के मामले में फंसे एसीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वह निरीह और छुट्टा गायों को सेवाभाव से अपने फार्म हाउस पर रखते थे। कुछ लोगों की ओर से उनको फर्जी तरीके से फंसाने के उद्देश्य से साजिश रची गई है। गायों की चिकित्सा का भी पूरा ध्यान रखा जाता था।