बहराइच। जिले में बृहस्पतिवार को दिन भर उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेहाल रहा। शाम चार बजे के बाद तेज हवा व बदली से मौसम सुहाना हो गया। कई जगहों पर हुई बारिश से लोगों को राहत मिली। इसी बीच कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी राम छवि जायसवाल (50) पर भैंस चराने के दौरान बिजली गिर पड़ी जिससे उनकी मौत हो गई। अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से ही धूप में तेजी देखने को मिली। समय बढ़ने के साथ ही उमस भरी गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया। शहर के चौक बाजार, घंटाघर, कचेहरी रोड व डीएम तिराहे पर सन्नाटा पसरा रहा। इसी के साथ ही चौक बाजार में ग्राहकों के इंतजार में दुकानदार खाली बैठे रहे।
तापमान अधिक होने व पछुआ चलने के कारण पंखे, कूलर व एसी से भी राहत नहीं मिली। गर्मी से निजात पाने के लिए लोग दिन भर लस्सी, शरबत, मट्ठा, सत्तू आदि का सेवन करते रहे। शाम चार बजे के बाद अचानक मौसम बदल गया। काले बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। दिन भर उमस भरी गर्मी व धूप से परेशान लोगों को राहत मिली। शहर के चौक चौराहों पर धूल भरी आंधी भी चली।
उधर, कोतवाली देहात क्षेत्र के कमोलिया गांव निवासी राम छवि जायसवाल (50) बृहस्पतिवार शाम लगभग पांच बजे खेत में भैंस चरा रहे थे। उसी दौरान अचानक तेज आवास के साथ बिजली गिरी जिसकी चपेट में आकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में मातम पसर गया। कोतवाली देहात पुलिस व क्षेत्रीय लेखपाल नेहा त्रिपाठी मौके पर पहुंचीं। लेखपाल नेहा त्रिपाठी ने बताया कि बिजली गिरने से ग्रामीण की मौत हुई है। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया है।
जिले के कई स्थानों पर हुई बारिश से मिली राहत
नवाबगंज बाजार में बृहस्पतिवार दोपहर 3:30 के बाद मौसम में बदलाव हुआ और अचानक हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। इसी के साथ ही सूख रहे धान के नर्सरी को संजीवनी मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान रफीक अहमद, दिनेश सिंह, आरिफ, मेराज आदि किसानों ने बताया कि कई दिनों से क्षेत्र में बारिश की आस लगाए बैठे थे। पानी के अभाव में आम की फसलें सूखने लगी थी लेकिन अब इस बारिश का फायदा मिलेगा। रिसिया विकास खंड में भी शाम होते-होते झमाझम बारिश होने से लोगों को राहत मिली। कस्बे के इंदिरा नगर, ऋषि भूमि, सरस्वती नगर, राजेंद्र नगर के मुख्य मार्गों पर बारिश से जलभराव की भी स्थिति उत्पन्न हुई। इसके अलावा अंडर पास में भी जलभराव हो गया।