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Bahraich News: गांधी के सपनों पर दाग... स्वच्छता के संकल्प और हकीकत में अंतर

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शहर में फैला कूड़ा व सड़क पर लगीं दुकानें।
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बहराइच। महात्मा गांधी ने स्वच्छता को स्वस्थ और सभ्य समाज की बुनियाद माना था। गांधी जयंती पर उनके स्वच्छता के संकल्प और शहर की जमीनी हकीकत को परखना जरूरी है। नगर पालिका सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों और संसाधनों की उपलब्धता का दावा करती है, लेकिन शहर के कई मोहल्लों में आज भी कूड़ा, गंदगी और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। संवाद न्यूज एजेंसी ने सफाईकर्मियों की संख्या, कूड़ा उठान, नालों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों, कूड़ा निस्तारण और नागरिकों की शिकायतों के आधार पर शहर की सफाई व्यवस्था की पड़ताल की।
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नगर में 34 वार्ड, केवल 17 में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान
नगर में कुल 34 वार्ड हैं। इनमें 17 वार्डों में चयनित एजेंसी के माध्यम से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान कराया जा रहा है। शेष वार्डों में पालिका के सफाईकर्मी कूड़ा एकत्र करते हैं। पालिका के अनुसार अधिकांश मोहल्लों से सुबह नौ बजे से पहले कूड़ा उठा लिया जाता है। इसके बाद सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा कूड़ा फेंके जाने से कई जगह दिनभर गंदगी बनी रहती है।
शहर को साफ रखने के लिए पालिका के पास 500 से अधिक सफाईकर्मी हैं। कूड़ा उठाने और सफाई के लिए जेसीबी, मिनी ट्रक, एक्सावेटर और पोकलैंड समेत अन्य मशीनें उपलब्ध हैं। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पांच पंप भी लगाए गए हैं।
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नालों की सफाई के बाद भी अतिक्रमण से परेशानी
मानसून से पहले इंदिरा स्टेडियम, अस्पताल से डिगिहा तिराहा समेत प्रमुख स्थानों के नालों की सफाई कराई गई थी। इसके बावजूद कई जगह नालों के ऊपर अतिक्रमण के कारण सफाई प्रभावित होती है। नालों तक सफाईकर्मियों की पहुंच बाधित होने से गाद और कूड़ा निकालने में परेशानी होती है।
500 से अधिक सफाईकर्मी, सात सफाई नायक
पालिका क्षेत्र में 33 संविदा, 103 नियमित और 394 ठेका सफाईकर्मी तैनात हैं। सफाई नायकों के 10 स्वीकृत पदों के सापेक्ष सात ही तैनात हैं। तीन पद रिक्त हैं।
सफाई व्यवस्था के लिए पालिका के पास जेसीबी, मिनी ट्रक, एक्सावेटर, पोकलैंड समेत अन्य मशीनें हैं। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पांच पंप भी लगाए गए हैं। पालिका का कहना है कि निर्धारित समय में कूड़ा उठाने के बाद दोबारा कूड़ा डालने से कई जगह सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।
कूड़े के निस्तारण के लिए प्लांट
प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए कानूनगोपुरा में कंपोस्ट प्लॉट है। यहां सूखे कूड़े का निस्तारण किया जाता है। सलारगंज और जादोपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तथा चफरिया में सेफ्टी टैंक से निकलने वाली गंदगी के शोधन के लिए प्लांट स्थापित है।
सफाई के लिए अलग बजट नहीं
अधिशासी अधिकारी प्रमिता सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए अलग से बजट की व्यवस्था नहीं है। 12वें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से सफाईकर्मियों के वेतन समेत अन्य व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं।
हर माह करीब 300 शिकायतें
सफाई और अन्य समस्याओं की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल, टोल फ्री नंबर 1533, सीयूजी नंबर, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यक्तिगत नंबर और जनता दर्शन के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है। जनता दर्शन में सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक शिकायतें सुनी जाती हैं। ईओ प्रमिता सिंह ने बताया कि सभी माध्यमों से हर माह करीब 300 शिकायतें प्राप्त होती हैं। इनमें अधिकांश का समय से निस्तारण कराया जाता है। आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की दर 82 प्रतिशत है।

लोग बोले, उठान के बाद दोबारा कूड़ा डालने से गंदगी
बड़ीहाट निवासी नितेश सिंह विसेन ने बताया कि पालिका की ओर से समय से कूड़ा उठा लिया जाता है, लेकिन निर्धारित समय के बाद लोग दोबारा कूड़ा डाल देते हैं। इससे सफाई के बाद भी वहां गंदगी जमा हो जाती है।
चौक बाजार के दुकानदार पवन गुप्ता ने बताया कि बाजार में सुबह, शाम और रात तीन बार सफाई होने से यहां गंदगी की समस्या कम हुई है। सफाईकर्मी सुशील कुमार ने बताया कि अधिकांश मोहल्लों से सुबह नौ बजे से पहले कूड़ा उठवा लिया जाता है। इसके बाद पूरे दिन कूड़ा फेंके जाने से कई जगह गंदगी जमा हो जाती है।

नानपारा में 25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान
नगर पालिका परिषद नानपारा के अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने बताया कि सभी 25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह के लिए संसाधन उपलब्ध हैं। नगर में पांच सार्वजनिक शौचालय संचालित हैं और ओवरहेड टैंक से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। सफाई संबंधी शिकायत मिलने पर कर्मियों को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराया जाता है।
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उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए अलग से बजट नहीं मिलता। पिछले करीब तीन वर्षों में ढाई करोड़ रुपये के सफाई उपकरण खरीदे गए हैं।

शहर में फैला कूड़ा व सड़क पर लगीं दुकानें।

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