बहराइच। छेड़छाड़, अपहरण, रेप और छिनैती की घटनाओं से आधी आबादी को सुरक्षित करने के लिए पुलिस प्रशासन पावर एंजल (शक्ति परी) का सहारा लेगा। इसके लिए कॉलेज की प्रत्येक कक्षा में दो पावर एंजल का चयन किया जाएगा। स्कूल से लेकर घर के बीच जुल्म और ज्यादती के खिलाफ यह आवाज उठाएंगी। इस प्रयोग की तैयारी में पुलिस महकमा जुट गया है।
सरकार और पुलिस प्रशासन सुरक्षा के तमाम दावे करे लेकिन महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में कमी नहीं आ रही है। दिन-प्रतिदिन ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। इससे चिंतित प्रदेश की पुलिस ने वीमेन पावर लाइन की तर्ज पर पावर एंजल के चयन की रूपरेखा तैयार की है। इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक नवनीत सिकेरा ने प्रदेश के सभी जिले के एसपी के साथ ही माध्यमिक, जूनियर और महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। पत्र में आईपीएस नवनीत सिकेरा ने कहा कि वीमेन पावर लाइन काफी हद तक सफल रहा है लेकिन अपराध कम नहीं हो रहे हैं। इसके चलते वीमेन पावर लाइन की शृंखला में ही पावर एंजल के द्वारा महिला अपराधों पर अंकुश लगाया जाएगा। योजना के तहत जूनियर ग्रुप से लेकर महाविद्यालय तक प्रत्येक कक्षा में दो शक्ति परी का चयन किया जाना है। यह शक्ति परियां कॉलेज व विद्यालय आने-जाने के समय घर से कॉलेज के बीच महिला संबंधी अपराधों और घटनाओं पर नजर रखेंगी। आवश्यकता पड़ने पर वीमेन पावर लाइन 1090 के कंट्रोल रूम व संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें जानकारी देंगी। नवनीत सिकेरा ने इस मामले में प्रधानाचार्यों को तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उधर, पुलिस महानिदेशक आनंद लाल बनर्जी ने भी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पावर एंजल चयन के मामले में तेजी लाने के लिए प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है।