बहराइच/श्रावस्ती। दीपों का पर्व दीपावली सुख-समृद्धि और विश्वास का प्रतीक है। उम्मीदों का दीप जलता रहे तो जीवन प्रकाशमय हो जाता है। बहराइच और श्रावस्ती के लोगों ने भी दिल में आशाओं के दीप जला रखे हैं। क्षेत्र के विकास को नए आयाम देने के लिए तमाम वादे हुए लेकिन हालात अब तक ज्यों के त्यों हैं। फिर भी उम्मीद बरकरार है कि कभी न कभी तो बहराइच-श्रावस्ती के दिन बहुरेंगे। बहराइच में इस वर्ष मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है तो थर्मल पॉवर प्लांट की स्थापना की कवायद हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधरने की बात बी हो रही है। केंद्र में भाजपा सरकार बनने से अमान परिवर्तन के अरमान भी पूरे हो सकते हैं। वहीं, श्रावस्ती में भिनगा-बहराइच मार्ग फोरलेन, 132 केवीए उपकेंद्र, जमुनहा तहसील, भिनगा इकौना मार्ग व संयुक्त जिला चिकित्सालय के पूरा होने की उम्मीद है। पेश है रिपोर्ट-
आमान परिवर्तन के अधूरे अरमान होंगे पूरे
एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की सरकार बनने पर वर्ष 2001 में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने बहराइच रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आमान परिवर्तन का शिलान्यास किया था। सरकार जाने के बाद से आमान परिवर्तन सुस्त रफ्तार पकड़े हुए है। लेकिन, अभी तक महज प्रखंड पर नाम मात्र काम हो सके हैं। यूपीए सरकार बनने के दस साल बीतने के बाद अभी तक आमान परिवर्तन के लिए महज 81 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हो सका है, जबकि आमान परिवर्तन के लिए कुल 60 किलोमीटर में 163 करोड़ रुपये चाहिए। अब केंद्र में भाजपा की सरकार है। ब्रॉडगेज होने के बाद गोंडा से तेज रफ्तार ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। मालगाड़ियां भी चलेंगी। इससे पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, जो देश को नई दिशा दे सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज के सपने को लगेंगे पंख
प्रदेश के सबसे पिछड़े इस तराई क्षेत्र में चिकित्सकीय सुविधा के विस्तार व चिकित्सा एवं औषधियों के विभिन्न विषयों में अध्यन-अध्यापन के लिए केंद्र सरकार ने बहराइच में मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने मंजूरी भी दे दी है। जिला प्रशासन ने कॉलेज स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर ली है। इस भवन में पढ़ाई होगी और जिला पुरुष अस्पताल व महिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में करीब 500 मरीजों को भर्ती किए जाने की व्यवस्था होगी।
सुगम हो जाएगा राजधानी पहुंचना
गत पांच साल से बाराबंकी से रुपईडीहा तक राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-28सी) काफी जर्जर दशा में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे सड़क दुघर्टनाएं बढ़ गई हैं। यह मार्ग नेपाल राष्ट्र को जोड़ता है। इस समस्या को बहराइचवासियों ने जोर-शोर से उठाया। आंदोलन भी किया। कांग्रेस सांसद कमल किशोेर कमांडो ने यह मुद्दा संसद में उठाया था। राजमार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव पास हो गया है। टू-लेन में मार्ग का निर्माण होगा। पर्यावरण मंत्रालय ने भी एनओसी जारी कर दी हैै। सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने भी जल्द ही राजमार्ग के निर्माण को हरी झंडी देने की घोषणा की थी। पहले फेज में बाराबंकी से बहराइच तक और दूसरे फेज में बहराइच से रुपईडीहा तक मार्ग का निर्माण होगा। उम्मीद है कि अगले दीपावली तक जिलेवासियों की समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
थर्मल पावर प्लांट से रोशन होंगे गांव-शहर
जनपदवासी पूरे वर्ष बिजली की किल्लत से जूझते हैं। यही हालात कमोबेश तराई के सभी जिलों की है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उर्जा मंत्रालय ने बहराइच में ही बिजली उत्पादन शुरू करने की कवायद की है। इसके लिए मंत्रालय ने 25 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। नेपाल से सटे मिहींपुरवा विकासखंड में थर्मल पावर प्लांट की स्थापना होगी। जमीन चिह्नित की जा रही है। उर्जा मंत्री यासर शाह ने अगले दीपावली पर्व तक उम्मीदों को पंख लगने की बात कही है। इस प्लांट के जरिए 450 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसका निर्माण गुजरात के गांधीनगर में स्थापित प्लांट की तर्ज पर होगा। इससे अन्य जिलों में भी बिजली सप्लाई की जाएगी। नेपाल के गांव-शहर भी बिजली से जगमगाएंगे।
ईमानदारी से काम करें प्रतिनिधि तो बनेगी बात
जिले में सड़क, शिक्षा, उद्योग जैसी समस्याएं बहुत हैं। लेकिन इनकी बेहतरी के लिए प्रयास भी हो रहा है। संभव है कि अगली दिवाली पर्व तक उम्मीदों को पंख लग जाएं लेकिन इसके लिए ईमानदारी व निष्ठा से जन प्रतिनिधियों व प्रशासन को कार्य करना होगा।
- डॉ. शिवम श्रीवास्तव, चीफ प्रॉक्टर केडीसी कॉलेज
सड़कों की हालत बद्तर है। बिजली की समस्या भी विकराल है। अभी तक इसके समाधान के लिए समुचित प्रयास नहीं हुए हैं लेकिन केंद्र की सरकार ने सबका साथ-सबका विकास का वादा किया है। जिले की बेहतरी के लिए जनप्रतिनिधयों ने भी वादा किया है। उम्मीदों पर दुनिया कायम है।
- डॉ. दिनेश त्रिपाठी शम्स, साहित्यकार व उप प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय