बहराइच। जिला जज को पत्र भेजकर एडीजे पंचम का दफ्तर और घर उड़ाने की धमकी देने वाले हिजबुल मुजाहिदीन के पत्र का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की टीम ने बख्शीपुरा निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने जेल में बंद नेपाल निवासी एक कैदी के इशारे पर पत्र भेजने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उसने दो पत्र भेजने की बात बताई है।
पुलिस अधीक्षक आरएल वर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिला जज को उर्दू में लिखा धमकी भरा पत्र नानपारा के योगेश कोरियर से पोस्ट किया गया था। पत्र में एडीजे पंचम शंभूनाथ सरोज के कार्यालय व आवास को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की टीम मामले की जांच में जुटी थी, जिसमें दरगाह शरीफ के मोहल्ला बख्शीपुरा निवासी विनोद को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार विनोद ने बताया कि जेल में एनडीपीएस एक्ट में बंद नेपाल के थाना नेपालगंज निवासी श्याम बहादुर मल ने उसे 10 अक्तूबर को दीवानी कचहरी में मुलाकात के दौरान एक कागज में लिपटे दो लिफाफे दिए थे। दोनों लिफाफों को उसने नानपारा जाकर कोरियर कर दिया था। इनमें एक लिफाफा जिला जज के नाम से था व दूसरा लिफाफा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर पांच के नाम से था। इसके लिए श्यामलाल ने विनोद को पांच सौ रुपये भी दिए थे। गिरफ्तार विनोद ने बताया कि वह एक वर्ष पूर्व जेल में जानलेवा हमले के मामले में बंद था, जहां श्यामलाल से उसकी मुलाकात हुई थी। एसपी ने बताया कि श्यामलाल से जेल में टीम ने जाकर पूछताछ की है। उसने पत्र लिखकर भेजे जाने की बात स्वीकार की है। विनोद व श्यामलाल के खिलाफ कोतवाली नगर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, साजिश रचने व धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बंदी को रिमांड पर लेगी पुलिस
एसपी ने बताया कि श्यामलाल नेपाल का निवासी है। उसने किस उद्देश्य से पत्र भेजवाया। श्यामलाल के संबंध किन लोगों से हैं, इसे खंगालने के लिए उसको रिमांड पर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिससे पता चल सके कि उसने किन लोगों से उर्दू भाषा में पत्र जेल के अंदर लिखवाया था।