बहराइच। शासन से नामित नोडल अधिकारी मंडलायुक्त रवि प्रकाश अरोड़ा ने गुरुवार को दो दिवसीय दौरे के पहले दिन विकास भवन में समीक्षा बैठक की। इसमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होने पर संबंधित अफसरों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक से नदारद रहने पर जिला कृषि अधिकारी व आवास विकास और सुल्तानपुर की एक कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण मांगा। राजकीय निर्माण निगम को चेतावनी जारी की गई। वहीं कम वसूली पर वाणिज्य कर अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मंडलायुक्त ने यांत्रिक व विद्युत दोष से बंद पड़े नलकूपों को तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा कराए गए कार्यों का डीएफओ व अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड नानपारा से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिया कि मिड-डे मील में मानक के अनुसार हरी सब्जी का प्रयोग हर हाल में किया जाए। शिक्षकों के अनुपस्थित रहने पर बीईओ से भी जवाब मांगा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए गठित जिला टास्क फोर्स को निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक से नदारद रहकर लखनऊ जाने वाले जिला कृषि अधिकारी धर्मराज व कम वसूली करने पर वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया। बताया गया कि जीआईसी बसहियापाते व अजीजपुर के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। जिस पर एडीएम को जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने राजकीय निर्माण निगम को वित्तीय प्रगति खराब होने पर चेतावनी जारी करने और आवास विकास व सुल्तानपुर की एक कार्यदायी संस्था के अधिकारी के गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम सत्येंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही। इस
दौरान सीडीओ राकेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रशिक्षु आईएएस सत्येंद्र कुमार, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्रा, डीएफओ जावेद अख्तर, सीएमओ डॉ. जेएन मिश्रा, डीडीओ एसएन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।