बहराइच। नानपारा में स्थित श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना घटतौली से गुस्सा किसानों ने गुरुवार सुबह नानपारा-बहराइच मार्ग पर जामकर प्रदर्शन किया। इसके चलते दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाकर चीनी मिल प्रशासन से वार्ता करायी। जीएम ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर जाम-प्रदर्शन शांत हुआ।
नानपारा चीनी मिल में बेहड़ा गांव निवासी प्रदीप कुमार, ननके सिंह, निरंकार और कैलाश ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ना लादकर लाए थे। इन सभी ने मिल आने से पहले गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की तौल बाईपास रोड स्थित एक धर्मकांटा पर करवाया। इसके बाद सुबह 6:45 बजे किसानों ने चीनी मिल परिसर में लगे कांटा नंबर चार पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ाई तो धर्मकांटा की तौल में पांच क्विंटल का अंतर निकला। प्रदीप और ननके ने बताया कि धर्मकंाटा पर गन्ने का वजन 93 क्विंटल निकला था। जबकि चीनीमिल के कांटे पर वजन महज 88 क्विंटल बताया जा रहा है। ऐसे में पांच क्विंटल गन्ना कहां गया। घटतौली की जानकारी जब कतार में खड़े अन्य गन्ना किसानाें को हुई तो सभी भड़क उठे। किसानों ने नानपारा-बहराइच आसाम रोड पर जाम लगाकर चीनी मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वह घटतौली बंद करने और समुचित सुविधाएं मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। सुबह सात बजे से नौ बजे तक किसानों ने प्रदर्शन किया। इससे लखीमपुर, नेपाल और बहराइच की ओर से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह और नायब तहसीलदार जसीम अहमद मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने किसानों को समझाकर शांत किया। चीनी मिल के जनरल मैनेजर लालता प्रसाद और गन्ना अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि लोडसेल में खराबी आ गई थी। इसके चलते गन्ने की तौल में अंतर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति उत्पन्न हुई उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जीएम और गन्ना अधिकारी के आश्वासन पर किसान शांत हुए।