बहराइच। कारीडीह रानीपुर के दो परिवारों ने रानीपुर थाने के एक दरोगा और छह सिपाहियों पर शुक्रवार रात तलाशी के बहाने घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट करने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर फर्जी मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई है। इस मामले में पीड़ित परिवारों ने एसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। एसपी ने इस मामले में थानाध्यक्ष को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रानीपुर थाना अंतर्गत कारीडीहा गांव निवासी अनीता और प्रेमा ने शनिवार शाम पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर गांव निवासी चंद्रगुप्त ने रास्ते में छप्पर बनाकर कब्जा कर लिया है। प्रेमा का कहना है कि उसके पति लल्लू शुक्रवार रात रास्ते से ट्रैक्टर निकाल रहे थे तोे ट्रैक्टर का हल फंसने से छप्पर गिर गया। इसी बात को लेकर चंद्रगुप्त थाने पहुंच गया। वहां से एक दरोगा व छह सिपाही घर पर आ धमके।
घर में तोड़फोड़ करते हुए आवश्यक कागजात फाड़ दिए। दस हजार रुपये व सोने के जेवरात उठा ले गए। पड़ोसी कृष्णावती के यहां पुलिसकर्मियों ने तलाशी के बहाने तोड़फोड़ की। इसके बाद फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देते हुए पुलिसकर्मी चले गए। पीड़ितों का कहना है कि वह रात में ही थाने पर गए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में एसपी ने थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आरोप लगाने वालों ने मचाया था उत्पात
कारीडीह गांव में हुए विवाद के मामले में थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चंद्रगुप्त के छप्पर को विपक्षियों ने जबरन गिरा दिया है। उसके घर तोड़फोड़ की। इस मामले में चंद्रगुप्त की तहरीर पर विपक्षियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसी के तहत विपक्षी अपने बचाव में पुलिसकर्मियों पर लूटपाट का आरोप लगाते हुए पेशबंदी कर रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि एसपी के निर्देश पर पुन: जांच की जा रही है।