कैसरगंज (बहराइच)। सरकार की गन्ना किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार को भाकियू के साथ किसान सड़क पर उतर आए। कैसरगंज तहसील गेट के बाहर सभी ने लखनऊ-बहराइच मार्ग पर सभी ने जाम लगा दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर सांकेतिक गन्ना जलाया गया। गन्ने का मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने समेत अन्य मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। प्रदर्शन के कारण लगभग 45 मिनट यातायात प्रभावित रहा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा व मीडिया प्रभारी अशोक मिश्रा अन्ना ने प्रदेश सरकार की गन्ना किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की थी। उसी के तहत गुरुवार पूर्वाह्न 11:30 बजे के आसपास कार्यकर्ता और गन्ना किसान तहसील मुख्यालय पहुंच गए। सभी ने तहसील गेट के बाहर लखनऊ-बहराइच मार्ग जाम लगा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसान नेता गन्ने का मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और बकाया गन्ना मूल्य चीनी मिलों द्वारा भुगतान कराने की मांग कर रहे थे।
भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा सरकार किसानों को उपेक्षित कर रही है, जिसके चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैैं। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही गन्ना मूल्य 350 रुपये न किया गया तो क्रमिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। मीडिया प्रभारी अशोक मिश्र अन्ना व तहसील अध्यक्ष राधेश्याम यादव ने ब्याज समेत किसानाें को गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने सांकेतिक गन्ना जलाकर विरोध जताया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मदनमोहन वर्मा व प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी ने किसानाें का ज्ञापन लिया। प्रदर्शन के दौरान मोहनलाल वर्मा, किशोरीलाल वर्मा, पार्वती गौतम, रंजना चौहान, सुरेश सिंह, योगेंद्र यादव, रामानंद, रामउदित आदि मौजूद रहे।