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मिहींपुरवा के पास दिखा बाघ, ग्रामीणों में दहशत

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Bahraich
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मिहींपुरवा (बहराइच)। मिहींपुरवा कस्बे के पास शुक्रवार की सुबह बाघ को देखकर लोग दहशत में आ गए। सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे। 6 घंटे तक कांबिंग चली। पगचिह्नों से मादा बाघ के क्षेत्र में आने की पुष्टि हुई है। वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को अलर्ट कर विशेष टीम गठित की है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र का मोतीपुर रेंज शाकाहारी वन्यजीवों के लिए मुफीद माना जाता है। बाघ और तेंदुए अधिकांशतया कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा रेंज में ही मिलते हैं। शुक्रवार की सुबह मिहींपुरवा कस्बे से सटे मोतीपुर गांव के कुछ लोगों ने गांव के बाहर पुलिया के पास झाड़ियों में सरसराहट महसूस की। देखा तो वहां बाघ बैठा था। ग्रामीण भागकर रेंज कार्यालय पहुंचे। वनकर्मियों को जानकारी दी। इस पर वन क्षेत्राधिकारी जेके वर्मा, वन दरोगा रमाशंकर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। 100 मीटर की दूरी से सभी ने हांका लगाना शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे बाद बाघ अजीजनपुरवा तुलसीपुर की ओर चला गया। कांबिंग करते हुए वनकर्मी जब अजीजनपुरवा तुलसीपुर पहुंचे तो ग्रामीणों ने विजय कुमार के गन्ने की खेत में बाघ के घुसने की बात बताई। इस पर आसपास के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी ने पगचिह्नों का नमूना लिया है। मादा बाघिन की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि मिहींपुरवा कस्बा और मोतीपुर गांव दोनों जंगल से सटे हुए हैं। ऐसे में बाघ और तेंदुए की आमद सामान्य है। सावधानी जरूरी है।
विशेष टीम गठित
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि विजय कुमार के गन्ने के खेत पर नजर रखने के लिए वन दरोगा रामशंकर सिंह और रामवृक्ष की अगुवाई में विशेष टीम बनी है। वन क्षेत्राधिकारी जेके वर्मा नजर रख रहे हैं। बाघ सुरक्षित जंगल की ओर चला जाए, इसके प्रयास हो रहे हैं।
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बरतें एहतिआत
प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण घर से समूह में निकलें। अगर वन्यजीव दिखाई पड़ें तो हांका लगाते हुए गोला दागें। मुठभेड़ का प्रयास न करें, जिससे कि ग्रामीण और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें।
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