बहराइच। जिले में सर्व शिक्षा अभियान पर हुए खर्च का ब्यौरा जानने के लिए विभाग की टीम जिले में 29 दिन जमी रही। इस दौरान छह विकासखंडों के समन्वयकों ने वार्षिक खर्च का ब्योरा टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किया। दो बार बीएसए ने चेतावनी भी दी लेकिन नतीजा सिफर। अब बीएसए ने सभी छह समन्वयकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया है। इससे महकमे में हड़कंप मच गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए जिले के सभी 14 विकासखंडों में ब्लॉक संसाधन केंद्र स्थापित हैं। संसाधन केंद्रों की कमान ब्लॉक समन्वयकों के हाथ में है। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर शिक्षकों और शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण, रैली, सामुदायिक सहभागिता जैसे कार्यक्रमों का आयोजन ब्लॉक समन्वयक के माध्यम से समय-समय पर होता है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मदवार बजट भी प्रदान किया जाता है।
इस बजट की ऑडिट के लिए जिले में बेसिक शिक्षा निदेशालय से 10 अक्तूबर को ऑडिट टीम आई थी। 9 नवंबर तक टीम के अधिकारी जिले में रहे। ऑडिट अधिकारियों ने ब्लॉकवार विभिन्न मदों में हुए खर्च के फाइलों की ऑडिट की। लेकिन विकासखंड शिवपुर के पूर्व ब्लॉक समन्वयक शौकत अली, रिसिया के पूर्व बीआरसी जयप्रकाश, मिहींपुरवा पूर्व बीआरसी राजेश कुमार, हुजूरपुर के शरदचंद्र राय, चित्तौरा के गोविंद प्रसाद और फखरपुर के अयाज रायनी ने खर्च की फाइलें ऑडिट टीम के सामने नहीं प्रस्तुत कीं। सभी 6 विकासखंडों की ऑडिट नहीं हो सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हिफजुर्रहमान का कहना है कि इन सभी ब्लॉक समन्वयकों को चेतावनी दी गई थी। इस पर पत्र जारी कर ऑडिट न कराने के लिए आरोपी पूर्व व वर्तमान समन्वयकों के खिलाफ केस दर्ज करवाने के आदेश दिए गए हैं।
एक सप्ताह में एफआईआर न करवाई तो होगी कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हिफजुर्रहमान ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस मामले में पत्र भेज दिया गया है। अगर खंड शिक्षा अधिकारियों ने दोषी समन्वयकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने में कोताही की तो उनके खिलाफ वह स्वयं एफआईआर करवाएंगे।