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घाघरा में समाए 78 बीघा खेत

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कैसरगंज के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी। - फोटो : BAHRAICH
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बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर अचानक घटना शुरू हो गया है। जलस्तर घटने के कारण गांवों में कटान तेज हो गई है। कटान तेज होने से भिरगूपुरवा, कोढ़वा, चमरिया आदि गांवों में 78 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समा गई है। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। किसान बेबस निगाहों से खेतों को कटता हुआ देख रहे हैं।
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घाघरा नदी में बीते कई दिनों से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। नेपाल के पहाड़ी इलाकों पर हो रही बरसात सेे जलस्तर बढ़ने के बाद घाघरा के तटवर्ती इलाकों में करीब 70 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरानेे लगा था। लेकिन दो दिन के अंदर घाघरा के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू हुई है।
अचानक जलस्तर घटने से नदी से सटे गांवों में कटान तेज हो गई है। कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली अंतर्गत भिरगूपुरवा व चमरौटी गांव के निकट नदी तेजी से कटान कर रही है। ग्यारह सौ रेती, महावीपुरवा, गुलाबसिंहपुरवा, बलराजपुरवा आदि गांवों की करीब 78 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई है।
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वहीं महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा गांव के बाहर भी घाघरा नदी किसानों की जमीन को लील रही है। मगर प्रशासन द्वारा अभी तक बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। किसान बेबस निगाहों से खेतों में लगी धान और गन्ने की फसल को कटता हुआ देख रहे हैं।
कटान पीड़ितों को देंगे मुआवजा
घाघरा नदी से सटे गांवों में नदी कटान कर रही है। जलस्तर घटने के कारण कटान कुछ तेज हुई है। राजस्व कर्मियों से सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
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- रामजीत मौर्य, एसडीएम कैसरगंज
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