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75 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद में धांधली

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विशेश्वरगंज (बहराइच)। कोरोना काल में ग्राम पंचायत स्तर पर मेडिकल उपकरणों की खरीद में जमकर धांधली की गई है। विशेश्वरगंज विकास खंड की 75 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारियों ने पंचायत निधि से प्रति ग्राम पंचायत 6004 रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद लिए। ग्राम प्रधानों को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब उन पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जाने लगा, लेकिन अभी तक ग्राम प्रधानों ने भुगतान नहीं किया है। अब मामले की परत-दर-परत खुलनी शुरू हो गई है।
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विशेश्वरगंज विकास खंड में कुल 75 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में कोरोना जांच के लिए पंचायत निधि से मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए निर्देश शासन ने दिए थे। शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोरोना किट के तहत मेडिकल उपकरण खरीद के लिए बजट निर्धारित करते हुए शासनादेश जारी किया था, लेकिन शासन के बजट के विपरीत ग्राम पंचायत निधि से मेडिकल उपकरणों की खरीद की गई। विकास खंड की 75 ग्राम पंचायतों में बिना ग्राम प्रधान की जानकारी के ही पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद कर ली गई।
इस पर प्रत्येक ग्राम पंचायत से 6004 रुपये खर्च करने का बिल वाउचर लगा दिया गया, जबकि शासन ने लगभग तीन हजार रुपये बजट ही निर्धारित किया था। अब ग्राम पंचायत अधिकारियों की ओर से बजट भुगतान के लिए ग्राम पंचायत के प्रधानों पर दबाव बनाया जा रहा है। ग्राम प्रधानों पर दबाव बढ़ने से उनमें नाराजगी भी बढ़ रही है। प्रधानों का कहना है कि बिना बताए मेडिकल उपकरणों की खरीद की गई है। ऐसे में वह सभी भुगतान नहीं कर सकते हैं।
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ब्लॉक गए तब खरीद का पता चला
विशेश्वरगंज विकास खंड के ग्राम मुंडेरवा सरहदी के प्रधान शमीम का कहना है कि हम लोगों को कोई जानकारी नहीं है। ग्राम प्रधान नेठिया अनूप शुक्ला का कहना है कि जानकारी है, लेकिन अभी भुगतान नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान पुरैना के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार व बारानिजाम प्रधान दिनेश का कहना है कि इसकी हमें कोई जानकारी नहीं थी। जब ब्लॉक गए तो सेक्रेटरी ने बताया कि पंचायत निधि से पैसा देना है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
शासनादेश के अनुसार ही होगा भुगतान
विशेश्वरगंज विकास खंड की ग्राम पंचायतों में कोरोना जांच व बचाव के लिए मेडिकल उपकरण खरीदे गए हैं। इसकी जानकारी मिली है। लेकिन शासनादेश से अधिक का बिल लगाया गया है। भुगतान सिर्फ 2800 से 3200 रुपये तक ही किया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ही भुगतान किया जाएगा। इसके लिए जांच की जा रही है।
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- अमित मिश्रा, खंड विकास अधिकारी, विशेश्वरगंज
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