बहराइच। शुक्रवार को जिला प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। ठिठुरन ने जोर दिखाया, लोग कांपने को मजबूर रहे। न्यूनतम तापमान सिर्फ 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे सुबह-सुबह घरों से निकलते लोग गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिए। धूप निकलने के बावजूद गलन का एहसास बना रहा, शाम ढलते ही ठिठुरन और बढ़ गई।
तराई में मौसम पल-पल बदल रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री तक पहुंचा।
मौसम विभाग के विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर जारी बर्फबारी के बीच चल रही पछुआ हवा तराई को लगातार ठंडा बनाए रख रही है। रात से चली ठंडी हवा ने सुबह-सुबह घरों से बाहर निकलने वालों को ऊनी कपड़ों में लिपटने पर मजबूर कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव और हवा की रफ्तार के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले 24 घंटों में ठंड और हवा की रफ्तार जारी रहने की संभावना है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय ऊनी कपड़े पहने रहें, सिर व हाथों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
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बदलते मौसम में बरतें ये सावधानी
- स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर और दस्ताने का उपयोग करें।
- सिर और हाथ से ज्यादा गर्मी खोती है, इसलिए उन्हें ढकें।
- छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उन्हें घर में गर्म रखें।
- अदरक वाली चाय, सूप, हल्का पोषक आहार शरीर को गर्म रखता है।
- धूप होने पर थोड़ा बाहर निकलें, लेकिन तेज हवा से बचें।
- सर्द मौसम में शरीर को ऊर्जा और इम्यूनिटी के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है।
- सुबह-शाम अधिक ठंड लगती है, इस समय ज्यादा बाहर जाने से बचें।
- खांसी, जुकाम, गले में खराश आदि शुरू होने पर सावधानी बरतें।