बहराइच। हत्या के प्रयास के तीन दोषियों को एफटीसी द्वितीय की अदालत ने शनिवार को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। करीब 23 वर्ष तक चले मुकदमे में पीड़ित पक्ष को शनिवार को न्याय मिला।
हरदी क्षेत्र के बैरमपुर गांव निवासी राम कुमार ने नौ जनवरी 2002 को थाने में तहरीर देकर कहा था कि गांव निवासी बालेराम, विनोद कुमार, रामपाल व राजितराम से बाग के मामले को लेकर परिवार की रंजिश चल रही थी। उसी रंजिश के दौरान एक आरोपी की विवाहिता बहन किसी के साथ चली गई थी, लेकिन विपक्षियों ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को भाई भरतलाल का पुत्र अनूप ले गया है।
इन्हीं कारणों को लेकर सभी परिवार से और रंजिश रखने लगे थे। रामकुमार ने बताया कि नौ जनवरी 2002 को सभी आरोपियों ने घर में घुसकर भाई भरतलाल, भतीजा रमेश कुमार व भाभी शीलादेवी पर बांके से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। ग्रामीणों के एकत्रित होने पर सभी मौके से भाग खड़े हुए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी। करीब 23 वर्ष तक चले इस मुकदमे में शनिवार को न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय अनिल कुमार बारह ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मुकदमे की कार्यवाही पूरी की।
कोर्ट ने तीन आरोपियों को घटना में साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध कर कठोर सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं एक नामजद आरोपी विनोद कुमार की मुकदमे के दौरान ही मौत हो जाने पर उसका मुकदमा उपशमित कर दिया।