नवाबगंज जीजीआईसी के पास घूम रहे कुत्ते। -संवाद
नवाबगंज। प्रशासन एक तरफ कुत्तों को पकड़ने व उनका बंध्याकरण करने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुत्ते सार्वजनिक स्थानों से लेकर शिक्षण संस्थाओं तक दहशत का पर्याय बने हुए हैं। अभिभावक सुषमा पांडेय ने कहा कि कॉलेज व स्कूलों के आसपास कुत्तों का झुंड दिखाई देते हैं, जबकि प्रशासन के जिम्मेदार लोग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बे में कुत्ते आक्रामक होकर कई बार मवेशियों पर हमला भी कर चुके हैं। अभिभावकों ने कुत्तों के झुंड को कॉलेज व स्कूलों के आसपास से भगाने की मांग करते हुए कहा कि शिथिलता बरती गई, तो बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।