कैसरगंज (बहराइच)। तहसील कैसरगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गोड़हिया नंबर एक में बन रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा हो गया है। एक करोड़ 38 लाख की लागत से बनने वाले पीएचसी का सहकारिता मंत्री ने लोकार्पण किया। इस पीएचसी के निर्माण से क्षेत्र की 30 हजार आबादी को तहसील व जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के तहत कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से करीब एक करोड़ 38 लाख की लागत से निर्मित होने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य अतिथि प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने विधिवत पूजा अर्चना के बीच लोकार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित इस क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा व आवागमन की सुविधाओं का विस्तार हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा से निर्मित होने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।
उन्होंनेे कहा कि प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अति संवेदनशील है। बहराइच दूसरे अन्य जनपदों की अपेक्षा ज्यादा हरा भरा है, जिसका मुख्य कारण यहां के लोग पौधरोपण के प्रति हमेशा से संवेदनशील रहे हैं।
विधानसभा संयोजक गौरव वर्मा ने कहा कि औषधीय पौधे अपनी मेडिकल प्रापर्टीज के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण प्रदान करने में भी अत्यन्त उपयोगी हैं। इस मौके पर पीआरओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह, शिवानंद सिंह, एक्सईएन फैक्सफेड अखिलेश शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयंत कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
किसानों को बांटे पांच हजार पौधे
कार्यक्रम के दौरान पांच हजार पौधे किसानों को वितरित किए गए। इस दौरान उद्यान विभाग के योजना प्रभारी आरके वर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि सहजन की एक ग्राम फली में नारंगी से चार गुना विटामिन सी, गाजर से चार गुना विटामिन-ए, दूध से चार गुना अधिक कैल्शियम, योगटार्ट से दो गुना अधिक प्रोटीन, जई से चार गुना अधिक रेशा तथा पालक से दो गुना अधिक आयरन पाया जाता है।