बहराइच। जिले की विभिन्न तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस औपचारिकताओं के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान 291 फरियादियों के प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 29 का ही मौके पर निपटारा किया जा सका, जबकि 262 मामलों में जांच का आश्वासन देकर फरियादियों को वापस भेज दिया गया।
जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से शासन ने प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित करने की व्यवस्था की है, लेकिन ज्यादातर मामलों में मौके पर समाधान न होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पयागपुर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील में आयोजित समाधान दिवस में एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने सीडीओ मुकेश कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ लोगों की समस्याएं सुनीं। यहां 83 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से केवल सात का ही निस्तारण मौके पर किया जा सका।
नानपारा प्रतिनिधि के अनुसार समाधान दिवस में 58 मामले आए, जिनमें से सात मामलों का ही निस्तारण हो सका। वहीं मिहींपुरवा में 18 में से दो, कैसरगंज में 72 में से आठ, महसी में 29 में से तीन तथा सदर तहसील में 31 में से केवल दो शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका।
तहसील दिवस के दौरान एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त जन शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पयागपुर तहसील क्षेत्र के लालपुरवा गांव निवासी तिलकराम वर्मा ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग एक ही नाम पर दो मीटर दर्शाकर गलत तरीके से बिल वसूली कर रहा है। शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीडीओ ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पयागपुर तहसील क्षेत्र के खुनैरा गांव निवासी नानबच्चे ने बताया कि गांव का सरकारी ट्यूबवेल महीनों से खराब पड़ा है। विभागीय लापरवाही के कारण खेतों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।