बहराइच। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त को 70 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को पांच माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
हुजूरपुर के एक गांव निवासी महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए हुजूरपुर थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में महिला ने कहा था कि 22 अप्रैल 2016 को उसकी नाबालिग बेटी को रानीपुर के माफी गांव निवासी रिंकू उर्फ रामप्रसाद बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। महिला ने थाने के एसओ से मुकदमा दर्ज कर बेटी के बरामदगी करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। महिला की तहरीर आधार पर पुलिस ने 27 अप्रैल 2016 को मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों व पीड़िता के बयान दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपकांत मणि ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए अभियुक्त को घटना में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।