बहराइच। थाना खैरीघाट के रामपुर धोबियाहार निवासी पिता-पुत्र को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो के कोर्ट ने शुक्रवार को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 80-80 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोनों को 10-10 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
थाना खैरीघाट में 22 मई 2022 को बिहार राज्य के एक जिला निवासी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी ने तहरीर दी थी। कहा था कि वह बिहार राज्य के जिला खगड़िया स्थित एसएसबी बैंक से 28 अप्रैल 2022 को छात्रवृत्ति की धनराशि निकालने आई थी। धनराशि निकालने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने मेरा अपहरण कर धनीराम के हाथ बेच दिया।
धनीराम बहराइच जिले के थाना खैरीघाट स्थित रामपुर धोबियाहार अपने घर पर ले आया। वहां उसने अपने बेटे अंकुश कुमार के साथ शादी कर दी। इसके बाद दोनों बाप-बेटे लगातार एक माह तक दुष्कर्म करते रहे। दोनों ने घर में कैद करके रखा था। बाहर नहीं निकलने देते थे। किसी तरह भागकर थाने आई।
पीडि़ता ने एसओ से मुकदमा दर्ज कर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। एसओ ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट पर मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष की शासकीय अधिवक्ता व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने धनीराम व अंकुश को मुकदमे में दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते अर्थदंड से दंडित किया है।