बहराइच। रिसिया के जगदीशपुर शोखा गांव निवासी अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट ने सोमवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को 60 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने पर पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रिसिया क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि वह 21 अगस्त 2023 को अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारी में गया था। दोपहर दो बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी खेत में छुट्टा जानवरों को भगाने के लिए गई थी। इसी दौरान जगदीशपुर गांव निवासी मुख्तार उर्फ युनूस बेटी को पेट्रोलपंप के बगल स्थित आम के बाग में पकड़कर ले गया। उसके बाद उसने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। 23 अगस्त को जब घर लौटा तो बेटी ने घटना की जानकारी दी। मामले में 24 अगस्त 2023 को पिता की तहरीर के आधार पर थाने की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। विवेचना अधिकारी ने पीड़िता के बयान व अन्य साक्ष्यों को एकत्रित कर दो सितंबर को कोर्ट में आरोप पत्र सौंपा था। सोमवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट पर मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अभियुक्त युनूस को घटना में दोष सिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।