बहराइच। नगर क्षेत्र के निवासी दो अभियुक्तों को नाबालिग छात्रा पर एसिड फेंकने के आरोप में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने मंगलवार को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों को एक-एक लाख के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद कुमार सिंह
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि बीते 21 दिसंबर 2020 की शाम करीब सवा पांच बजे शहर के मोहल्ला चांदपुरा स्थित कोचिंग से पढ़कर 17 वर्षीय छात्रा अपने घर के लिए जा रही थी। इसी दौरान दुलदुल हाउस के पास शहर के मोहल्ला काजीपुरा निवासी ऐहतशाम उर्फ सद्दाम और थाना दरगाह शरीफ के गुल्लावीर कॉलोनी निवासी सुहेल उर्फ पीके बाबा ने नाबालिग छात्रा पर तेजाब फेंक दिया था। घटना में पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद विवेचना अधिकारी योगेंद्र कुमार ने घटना का नजरी नक्शा तैयार कर आरोपपत्र 19 मार्च 2021 को सक्षम न्यायालय में सौंपा था। इसका संज्ञान लेते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वितीय की कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने मुकदमे में साक्ष्यों का परीक्षण कर घटना में अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 17 मई 2024 को निर्णय सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए एक-एक लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्तों को दो-दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।