बिछिया/कतर्नियाघाट। चफरिया मोकमपुरवा गांव निवासी एक बालिका सोमवार देर शाम को नित्यक्रिया के लिए घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत को गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। बालिका का क्षत-विक्षत शव खेत के पास मिला है। गांव के लोग पहुंचे, तब बाघ भी मौजूद था। शोर मचाने व मशाल जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया। सूचना रेंज कार्यालय को दी गई है। लेकिन अभी तक कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। घटना से गांव के लोग दहशतजदा तो हैं हीं, आक्रोशित भी हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र का चफरिया मोकमपुरवा गांव जंगल से सटा हुआ है। कतर्नियाघाट रेंज का यह गांव जंगल से महज 100 मीटर की दूरी पर है। गांव व जंगल के मध्य गन्ने के खेत लगे हुए हैं। गांव निवासी ममता (9) पुत्री राजदेव प्रतिदिन की तरह सोमवार शाम 7:30 बजे के आसपास नित्यक्रिया के लिए घर से निकली। वह गांव से महज 40 मीटर की दूरी पर खेत के निकट पहुंची। तभी उस पर बाघ ने हमला कर मार डाला। काफी देर तक जब ममता घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोग चिंतित हुए। पिता राजदेव गांव के लोगों को साथ में लेकर बेटी को खोजने निकले तो रात आठ बजे के आसपास गांव से कुछ दूरी पर बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी। इस पर गांव के लोग सकते में आए। फिर हांका लगाते हुए मशाल जलाकर ममता की तलाश शुरू की। 10 मिनट बाद गन्ने के खेत के निकट बाघ दिखा। पास में ही ममता का शव पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने टार्च के प्रकाश में यह मंजर देखा तो सहम गए। सभी रह-रह कर हांका लगा रहे थे। शोर-शराबा और प्रकाश के चलते 15 मिनट बाद बाघ मौके से खिसकर गन्ने के खेत में घुस गया। हिम्मत करके ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो ममता का क्षत-विक्षत शव मिला। तत्काल सूचना रेंज कार्यालय को दी गई। वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि टीम मौके पर भेजी गई है। उधर थानाध्यक्ष अशरफ परवेज भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। ग्रामीण घटना के बाद से काफी क्षुब्ध थे। उन्हें समझाया बुझाया गया है।