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Bahraich News: सांप काटने से 16 लोगों की गई जान, 10 परिवारों को मिला मुआवजा

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गर्भवती को डसने वाले कोबरा सांप को पकड़ा।
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बहराइच। तराई में सांप के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मानसून के साथ घटनाओं में इजाफा हुआ है। पिछले छह महीनों में जिले की चार तहसीलों में सांप काटने के 135 से अधिक मामले सामने आए हैं। इनमें 16 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने इनमें 10 मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी है, जबकि चार मामलों में परिजनों को अब भी राहत राशि का इंतजार है। वहीं पोस्टमार्टम न होने व अन्य कमियों से दो आवेदन निरस्त हो गए।
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जिले में सबसे अधिक 6 मौतें मिहींपुरवा तहसील में हुईं। इनमें चार परिवारों को सहायता मिल चुकी है, जबकि एक आवेदन पोस्टमार्टम न होने और दूसरा पति की पहचान संबंधी विवाद के कारण लंबित है। कैसरगंज तहसील में चार मौतों में एक परिवार को सहायता मिल चुकी है, एक मामले में पोस्टमार्टम न होने से राहत नहीं मिली, जबकि दो मामलों की रिपोर्ट अभी लंबित है।
महसी तहसील में चार मौतों में तीन परिवारों को सहायता दी गई है। एक मामले में विसरा रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। नानपारा तहसील में दो मौतों के दोनों मामलों में परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान कर दी गई। वहीं दौलतपुर निवासी सिद्ध कुमारी की मौत पिछले माह हुई, लेकिन पहचान पत्र में पति का नाम दामोदर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पति का नाम धर्मेश कुमार उर्फ रवि शुक्ला अंकित है। पहचान संबंधी दस्तावेजों में पति के नाम के अंतर के कारण मुआवजा अटक गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार केवल मेडिकल कॉलेज में ही पिछले छह माह में 119 लोग सांप के काटने के बाद पहुंचे। इनमें 51 लोगों को जहरीले सांप ने काटा था, लेकिन समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से सभी की जान बच गई। नानपारा सीएचसी में 11 तथा मिहींपुरवा सीएचसी में 18 मरीज भर्ती हुए। दोनों केंद्रों पर किसी मरीज की मौत नहीं हुई।

पोस्टमार्टम व दस्तावेजी औपचारिकताएं बन रहीं बाधा
राहत राशि की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा पोस्टमार्टम और दस्तावेजी औपचारिकताएं बन रही हैं। कई ग्रामीण सामाजिक कारणों से पोस्टमार्टम नहीं कराते, जिससे सरकारी सहायता नहीं मिल पाती। वहीं पहचान पत्रों में नाम या रिश्ते की विसंगति भी भुगतान में देरी का कारण बन रही है। प्रसाशन के अनुसार किसी भी अप्राकृतिक मौत पर सरकारी सहायता राशि पाने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी होता है।

तहसीलवार स्थिति

तहसील मौतें सहायता मिली लंबित अस्वीकृत
मिहींपुरवा 6 4 1 1
महसी 4 3 1 0
कैसरगंज 4 1 2 1
नानपारा 2 2 0 0
कुल 16 10 4 2





स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
कुल सर्पदंश पीड़ित अस्पताल पहुंचे – 135
मेडिकल कॉलेज – 119 मरीज
जहरीले सर्प के शिकार – 67




क्या कहते हैं अधिकारी
मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि समय पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई गई है। वहीं नानपारा तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि पात्र मामलों में राहत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि लंबित प्रकरणों की नियमानुसार जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया जाएगा।
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