तराई में सोमवार की रात अचानक आई आंधी और पानी ने जमकर तबाही मचाई। तेज आंधी व बरसात से कई मकानों के टिनशेड और छप्पर उड़ गए, जबकि जगह-जगह पेड़ और बिजली के तार भी टूट गए। बिजली के तार टूटने से मंगलवार को दोपहर तक भी विद्युत आपूर्ति पटरी पर नहीं आ सकी।
आंधी के चलते पूरे जिले में लगभग 150 स्थानों पर बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। आंधी व पानी के चलते बिछिया इलाके के तीन गांवों में 16 मकान ध्वस्त हो गए। वहीं, बारिश के चलते शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर रखा लगभग पांच हजार क्विंटल गेहूं भी भीग गया, जिसे सुखाने में केंद्र प्रभारी सुबह से ही जुटे रहे। वहीं आंधी में एक किशोर की मौत हो गई।
गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही तराई में लोग बेहाल थे। लेकिन सोमवार की रात करीब नौ बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। देखते ही देखते आंधी भी चलने लगी। आंधी के कारण लोगों के मकानों पर रखा सामान उड़कर दूर जा गिरा।
कई मकानों के टिनशेड और छप्पर भी तेज हवा के झाेंकों में उड़ गए। रात को घर लौट रहे लोग अचानक आई आंधी के कारण इधर-उधर सिर छिपाने की जगह ढूंढने लगे। आंधी के बीच ही बरसात भी शुरू हो गई। बारिश शुरू होने के बाद भी तेज हवाओं का सिलसिला नहीं थमा। कड़कड़ाती बिजली के कारण लोग सड़कों पर निकलने से भी डरने लगे। आंधी के कारण शहर के कलेक्ट्रेट के निकट शहीद पार्क और जेल रोड पर दो पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।
आंधी व बारिश के चलते बहराइच के कैसरगंज, मिहींपुरवा, महसी, फखरपुर, हुजूरपुर, बाबागंज, रुपईडीहा, पयागपुर आदि इलाकों में लगभग 150 विद्युत पोल धराशायी हो गए। उधर, मोतीपुर तहसील क्षेत्र के कतर्निया जंगल से सटे बर्दिया गांव में भूरे, ननकऊ, मुस्तकीम समेत छह लोगों के मकान ध्वस्त हो गए।
जबकि बिछिया गांव में तीन और चहलवा गांव में सात मकान गिर गए। यह सभी मकान छप्पर और कच्चे बने हुए थे। हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। विद्युत पोल गिरने व तार टूटने से पूरी रात जनपद की बिजली गुल रही। लगभग आठ घंटे तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। अधिशासी अभियंता आरिफ अहमद ने बताया कि बिजली व्यवस्था को सुधारने में कर्मचारी लगे हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति जल्द बहाल की जाएगी।
बहराइच के गल्ला मंडी परिसर में चार गेहूं क्रय केंद्र स्थापित हैं। यहां पीसीएफ के एक क्रय केंद्र पर गेहूं सुरक्षित था। जबकि एफसीआई और खाद्य विपणन के खुले में रखा गेहूं भीग गया। लगभग एक हजार क्विंटल गेहूं भीगा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्रय केंद्रों के बाहर रखा हुआ गेहूं भीग गया। पूरे जनपद में पांच हजार क्विंटल गेहूं भीगने की बात सामने आई है। भीगे गेहूं को सुखाने में दिन भर अधिकारी व कर्मचारी लगे रहे। हालांकि जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय गेहूं के भीगने की बात से पूरी तरह इंकार कर रहे हैं।
उधर, तेज आंधी और पानी में एक किशोर की मौत हो गई। उसके ऊपर पेड़ की डाल गिर पड़ी थी। फखरपुर थाना क्षेत्र के मरौचा गांव निवासी अरुण (15) पुत्र अयोध्या प्रसाद गांव के बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय के निकट रात में गया हुआ था। तभी अचानक तेज आंधी आ गई। इसी दौरान प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगे नीम के पेड़ की डाल अचानक टूटकर अरुण के ऊपर गिर पड़ी, जिससे दबकर उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया है।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में मक्का, गन्ना, तरोई, मिर्ची, अरबी, मेंथा की फसल आदि की बोआई की गई है। ऐसे में बरसात फसलों के लिए फायदेमंद रही है। सिर्फ सब्जी की फसलों को कुछ नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन यह भी अधिक नहीं रहा है।