तेंदुआ कबीर गांव में मंगलवार को अज्ञात कारणों से लगी आग से 14 मकान और उनमें रखा सारा सामान जल गया। आग बुझाने और घरेलू सामान बचाने के चक्कर में तीन ग्रामीण भी झुलस गए। उन्हें निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। अग्निपीड़ित खुले आसमान के तले रहने को मजबूर हैं।
पयागपुर तहसील क्षेत्र के तेंदुआ कबीर गांव निवासी मिंटू पुत्र झगरू व परमेश के मकान सुबह 10 बजे अचानक आग लगने से धधक उठे। पहले तो परिवार के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए तो सभी ने भाग कर जान बचाई।
चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आग की लपटों ने गांव निवासी सहजराम, अंजना देवी, दशरथलाल, प्रहलाद, अंबिका प्रसाद, गोवर्धन, पाटनदीन, रामनरेश, गिरीशचंद्र, शैलेश समेत 14 ग्रामीणों के मकानों को चपेट में ले लिया।
घटना से गांव में कोहराम मच गया। थाने और अग्निशमन केंद्र को सूचना दी गई, लेकिन दमकल वाहन समय से नहीं पहुंच सका। इस पर ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए हैंडपंप व पंपिंग सेट का सहारा लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि आग बुझाने के चक्कर में पिंटू, परमेश और सहजराम झुलस गए।
तीन घंटे के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन इस दौरान आग की चपेट में आए 14 ग्रामीणों के मकान और उनमें रखे बर्तन, कपड़ा, जेवर, नकदी व राशन आदि सामान जलकर राख हो गया। आग से 20 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों के लोग खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर हो गए हैं। अगिभनकांड की सूचना ग्राम प्रधान ओमदत्त मिश्र ने पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मियों को दी। इस पर लेखपाल मोतीलाल, कानूनगो अवधेशकुमार तिवारी, तहसीलदार शिवध्यान पांडेय ने गांव पहुंचकर मुआयना किया।
उधर, नानपारा के गांधी पार्क के पास शमा टेलर की दुकान में सोमवार की रात करीब 11 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कोतवाली नानपारा के नगर क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला कसाई टोला निवासी मेराज पुत्र मोहम्मद उस्मान की गांधी पार्क के पास सिलाई की दुकान है।
प्रतिदिन की तरह सोमवार की रात वह नौ बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। रात में करीब 11 बजे मोहल्ले के लोगों ने दुकान के अंदर से धुआं उठता देखा। इसकी जानकारी उन्होंने मेराज के घर पर दी, फायर ब्रिगेड को भी अवगत कराया गया। अगिभनशमन कर्मियों ने मोहल्लेवासियों की मदद से आग पर काबू पाया। मेराज के मुताबिक दुकान में लोगों के शादी विवाह के सिलाई के कपड़े व रखी मशीनें जलकर नष्ट हो गई हैं। लगभग तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।