बहराइच। कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं, जीता वही जो डरा नहीं। इस बात को मन में बैठाकर पहले दिन घबराई हुई भाजपा नेता की बहू आखिरकार 14 दिन अस्पताल में रहकर कोरोना को हराकर अपने घर वापस आ गईं। मन में आत्मविश्वास को कायम रखते हुए आंख बंदकर ईश्वर पर भरोसा जताया और अस्पताल में सामने आने वाले डॉक्टर व स्टॉफ नर्स को भगवान माना। खाने को भगवान का प्रसाद समझकर ग्रहण किया। काढ़ा, दाल व गर्म पानी के लगातार सेवन से अपने शरीर की इम्युनिटी पावर को बढ़ाया। नतीजा कोरोना को हराकर 14 दिन बाद अपने घर आकर होम क्वारंटीन हो गईं। अब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
वायरस की चपेट में आई भाजपा नेता की बहू कोरोना की जंग जीतकर अस्पताल से अपने घर आ गई। फोन पर बातचीत के दौरान रजनी रूपानी ने बताया कि जब मुझे पता चला कि कोरोना हो गया है और मुझे परिवार का साथ छोड़कर अकेले अस्पताल में रहना होगा तो मैं रोने लगी थी। स्वास्थ्य कर्मी के आने के बाद मुझे चित्तौरा में बने कोविड लेवल-1 में भर्ती किया गया। जहां पर मैं पूरी तरह घबराई हुई थी और शरीर कांप रहा था। मैं आंख बंद करके ईश्वर से प्रार्थना कर रही थी कि जल्दी से मैं ठीक होकर अपने घर चली जाऊं। आंख खोली तो देखा कि डॉक्टर खडे़ हैं।
मुझे लगा कि वह भगवान हैं। बस इस हौसले ने मुझे वहां जीना सिखा दिया। मैं डॉक्टर को भगवान व आने वाले खाने को प्रसाद मानकर ग्रहण करने लगी। जब मुझे पता चला कि मेरी दोनों रिपोर्ट निगेटिव आई हैं, तब मुझे अपार खुशी हुई और मैंने अस्पताल में ही सिर झुकाकर डॉक्टर, स्टॉफ व ईश्वर को प्रणाम किया। अब मैं स्वस्थ हूं। डॉक्टर की सलाह पर 14 दिन होम क्वारंटाइन रहूंगी। मुझे अस्पताल के सभी लोगों का बहुत सहयोग मिला।
काढ़ा व दाल ने बढ़ाई ताकत
भाजपा नेता की बहू ने बताया कि सुबह सात बजे नाश्ता आ जाता था। नाश्ते में कोई भी हरी सब्जी, पूड़ी व चाय में काढ़ा मिलता था। इसके बाद दोपहर में एक बजे खाना आता था, जिसमें दाल, चावल, रोटी व सब्जी होती थी। खाना इतना होता था कि पेट भर जाता था। इस दौरान काढ़ा व दाल ने ताकत बढ़ाई।
कमरे से बाहर निकलने की नही थी इजाजत
जिस कमरे में मुझे शिफ्ट किया गया था। उस कमरे से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। कमरे की चौखट पर ही सब कुछ आ जाता था। कमरे में कोई आता भी नहीं था। सब लोग कमरे के दरवाजे से ही हाल पूछ लेते थे।
घर पहुंचीं तो हुई आरती, फूलों की बारिश
कोरोना से चली 14 दिनों की जंग जीतकर शुक्रवार की शाम जब मोहल्ला गुलामअलीपुरा निवासी भाजपा नेता की बहू रजनी रूपानी को एंबुलेंस लेकर उनके घर पहुंची, तो नजारा देखने वाला था। वहां पहुंचते ही लोगों ने तालियां बजाते हुए फूलों की बरसात शुुरू कर दी। घर की महिलाओं ने आरती की। वहीं रजनी रूपानी ने घर के बाहर बने मंदिर पर जाकर हाथ जोड़कर ईश्वर से सभी के स्वस्थ रहने की कामना भी की।