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10 हजार भारतीयों ने नेपाल के होटलों में रद्द की बुकिंग

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रुपईडीहा (बहराइच)। भारत के तीर्थ यात्री मई से लेकर सितंबर तक नेपाल के रास्ते कैलाश मान सरोवर की यात्रा करते थे। लेकिन इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण नेपाल के साथ भारत में भी है। इसको देखते हुए 10 हजार तीर्थ यात्रियों ने अपना रजिस्ट्रेशन रद्द करा दिया है। ऐसे में नेपाल के होटल व्यवसायी के अलावा सरकार को भी काफी आर्थिक नुकसान होगा।
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तिब्बत में हिंदुओं का पवित्र तीर्थस्थल कैलाश मान सरोवर है। कैलाश मान सरोवर की यात्रा प्रति वर्ष मई से लेकर सितंबर तक भारतीय तीर्थ यात्री करते हैं। देश के गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश के यात्री रुपईडीहा होते हुए नेपाल के बाद तिब्बत के लिए जाते थे। इससे नेपाल को काफी मात्रा में आर्थिक लाभ होता था।
भारतीय यात्री 90 प्रतिशत खर्च नेपाल तक यात्रा व होटलों में ही करते थे। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नेपाल और भारत में लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में मान सरोवर की यात्रा पर जाने वाले लोगों ने रजिस्ट्रेशन रद्द कराना शुरू कर दिया है। अब तक विभिन्न प्रदेश के 10 हजार यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन रद्द करा दिया है।
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नेपाल होटल व्यवसायी महासंघ प्रदेश नंबर पांच के अध्यक्ष भास्कर काफ्ले ने बताया कि मान सरोवर की यात्रा पर जाने वाले 10 हजार तीर्थ यात्रियों ने यात्रा कैंसिल करा ली है। ऐसे में नेपाली व्यापार को काफी नुकसान हुआ है। यह फैसला जीवन को बचाने के लिए किया गया है।
तीर्थ यात्रा जाने वाले यात्री नेपालगंज को ही ट्रांजिट रूट मानकर रुपईडीहा होते हुए बांके, बर्दिया, राष्ट्रीय निकुंज, प्यूठान के स्वर्गद्वारा, मुगु के राताताल व डोलपा जिले से तिब्बत के मान सरोवर की यात्रा करते थे। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण यात्रा नहीं हो सकेगी।
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