बहराइच नगर में भ्रमण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट से वार्ता करते महसी विधायक सुरेश्वर सिंह।
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बहराइच। कहां से आ रहे हैं, मुंबई से। भोजन मिला है नहीं। चेकिंग कहीं हुई है नहीं। राशन का किट मिला नहीं है, नहीं। घर जाने के लिए वाहन मिला नहीं। कहां जाना है श्रावस्ती। इस सवाल का जवाब पैदल चलकर श्रावस्ती जा रहे मजदूरों ने विधायक को दिया। विधायक ने डीएम को फोन करके सच्चाई से अवगत कराया तो डीएम बोले, ऐसा हो नहीं सकता। जिला प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है। अगर आप कह रहे हैं तो सिटी मजिस्ट्रेट पहुंच रहे हैं। आधे घंटे बाद पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम को गुस्साए विधायक ने जमकर फटकार लगाई। सभी को भोजन कराने के बाद जांच कराकर किट उपलब्ध कराने के साथ वाहन से गंतव्य को पहुंचाने का निर्देश दिया।
शहर के माधवरेती में स्थित भाजपा कार्यालय से काम निपटाकर सोमवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे महसी विधायक सुरेश्वर सिंह अपने आवास जा रहे थे। रास्ते में प्रेम नारायण को अकेला पैदल आता देख विधायक ने अपनी गाड़ी रोककर जाने का कारण पूछा तो युवक ने बताया कि वाहन नहीं मिला है। विधायक गाड़ी पर बैठाकर भोजन कराने के लिए युवक को घर ले जा रहे थे। गांधी स्कूल के पास पहुंचे थे तो देखा कि मजदूरों का जत्था पैदल चला आ रहा है।
विधायक ने सभी को रोक कर जांच होने, भोजन मिलने, राशन किट व पैदल आने का कारण पूछा। सरकार द्वारा दी जा रही व्यवस्था से वंचित मजदूरों की दशा देखकर विधायक भड़क गए। उन्होंने डीएम शंभु कुमार को फोन करके मजदूरों की समस्या बताई तो डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को भेजने की बात कहकर कहा कि ऐसा हो नहीं सकता। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट जय प्रकाश व एसडीएम रामचंदर यादव पहुंचे। विधायक ने भूखे मजदूरों को दिखाते हुए जमकर फटकार लगाईं। विधायक की फटकार के बाद सभी श्रमिकों को भोजन कराने के बाद किट देकर उनके जिले वाहन से भेजवाया गया। उधर, विधायक ने कहा कि पुलिस दुकानदारों से अवैध वसूली कर उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने अधिकारियों पर भी इसी तरह का आरोप लगाया।